
डीडीयू मंडल: डीडीयू जंक्शन स्थित रेलवे यार्ड में कार्यरत वेल्डर, हेल्पर व अन्य श्रमिकों ने वेतन में देरी और कम मजदूरी के विरोध में धरना-प्रदर्शन करते हुए ठेकेदार पर आरोप लगाया कि पिछले करीब दो महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

श्रमिकों का आरोप है कि सरकार की ओर से वेल्डरों के लिए 600 से 700 रुपये और हेल्परों के लिए अधिक मजदूरी निर्धारित है, लेकिन उन्हें ठेकेदार के माध्यम से केवल 320 से 375 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है। हर महीने की 10 तारीख को कार्य अवधि पूरी होने के बावजूद वेतन 50 दिन या उससे अधिक समय बाद मिलता है। श्रमिकों ने मांग की कि प्रत्येक माह की 15 तारीख तक वेतन सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाए। श्रमिकों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि हेलमेट, सेफ्टी शूज़, दस्ताने और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे काम के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कार्यस्थल पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। दीपक कुमार, कार्तिक यादव और गुलजार अली समेत कई श्रमिकों ने कहा कि वर्तमान मजदूरी में परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है। उन्होंने हेल्परों का दैनिक वेतन बढ़ाकर कम से कम 500 तथा वेल्डरों का 700 से 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की। साथ ही समय पर वेतन, सवैतनिक अवकाश और बेहतर कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।

धरना-प्रदर्शन में नंदलाल कुमार, अमित पटेल, जयकुमार यादव, रवि रावत, कुलभूषण, विष्णु,अंसारी, इश्तियाक अहमद, पंकज यादव, सोनू, सुजीत यादव, सत्य यादव, नितिन, विक्की यादव, सरवन, बृजेश कुमार, जितेंद्र ठाकुर, मुन्ना ठाकुर, आकाश यादव, दिनेश यादव, दिलशाद अली, संदीप यादव, जुल्फिकार अली, देवेंद्र मलिक, बाबू और जय यादव सहित बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद रहे। श्रमिकों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।