

करीब 200 कार्यकर्ता और युवा हुए शामिल, इंस्पेक्टर विजय प्रताप सिंह के निलंबन व एफआईआर की मांग
पीडीडीयू नगर, चंदौली। सरदार सेना के महामंत्री एवं सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी सुनील पटेल ‘फौजी’ के साथ कथित मारपीट के मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार को सरदार सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अभिषेक पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और युवाओं ने मुगलसराय थाने का घेराव किया। प्रदर्शन में चंदौली, मिर्जापुर और वाराणसी समेत आसपास के जिलों से करीब 200 लोग शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक पटेल ने आरोप लगाया कि 26 अगस्त को सुनील पटेल ‘फौजी’ एक प्रकरण के संबंध में थाना पहुंचे थे। उनका आरोप है कि मामले में कार्रवाई की जानकारी मांगने पर तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और दुर्व्यवहार किया।

अभिषेक पटेल के मुताबिक, सुनील पटेल उस समय अपनी ‘आरक्षण बचाओ’ पदयात्रा के सिलसिले में जल्दबाजी में थे। इसी दौरान उन्होंने संबंधित प्रकरण का जिक्र किया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए थाने के सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।
सरदार सेना ने मांग की कि मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस के दस्तावेजों और बयानों में अंतर है। सुनील पटेल ‘फौजी’ ने मांग की कि यदि उनके आरोप गलत हैं तो घटना के समय का पूरा सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया जाए, जिससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा और जांच को लेकर उच्च न्यायालय की गाइडलाइंस का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि फुटेज से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए।
मामले की जानकारी मिलने पर नवागत थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह और क्षेत्राधिकारी नागेंद्र कुमार रावत (सीओ) मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। अधिकारियों ने मामले की जांच चलने और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सरदार सेना ने थाने का घेराव समाप्त कर दिया।
वहीं, सुनील पटेल ‘फौजी’ ने कहा कि यदि उन्हें और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के घेराव और जरूरत पड़ने पर दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाने की चेतावनी भी दी।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
