
इलिया (चंदौली)। क्षेत्र के बड़गावां गांव में रविवार को आयोजित ईद मिलन समारोह साहित्य और सौहार्द का खूबसूरत संगम बन गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय कवि और शायरों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बांधा कि देर तक श्रोता मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आपसी भाईचारे, प्रेम और एकता के संदेश के साथ हुई। इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने हास्य, व्यंग्य, सामाजिक सरोकार और मानवीय भावनाओं पर आधारित प्रस्तुतियां देकर माहौल को जीवंत बना दिया।
कवि संतोष कुमार सिंह ‘धूर्त’ ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज की विसंगतियों पर तीखा कटाक्ष किया, जबकि बंधु पाल ‘बंधु’ की हास्य कविताओं ने श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। कलाम बनारसी की शायरी ने भावनाओं को गहराई से छुआ, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
राजेश विश्वकर्मा ‘राजू’ ने अपने विचारों में ईद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व दिलों के बीच की दूरियों को मिटाने और मन का मैल साफ करने का अवसर है। वहीं कवित्री रीना तिवारी ने अपनी पंक्तियों— “जहां से खुशियां लुटाओ तो ईद हो जाऊं…”
—के जरिए प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का सुंदर संदेश दिया।
इसके अलावा वसीम अहमद, वशीर अंसारी, अब्दुल हलीम फारूकी, आनंद माया, इमरान दीवान सहित अन्य कवियों ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बेचई सिंह ‘मालिक’ ने की, जबकि संचालन हरिवंश सिंह ‘बवाल’ ने प्रभावी ढंग से किया। इस अवसर पर जमील अहमद, अलाउद्दीन, अफसर अली, आफताब अहमद, राम किशुन, रहमत अली, अरसद फौजी, साजिद अली, सलाहुद्दीन, मिनहाज अहमद, अनीस फौजी, अख्तर अली, सेराज मास्टर, मो. असलम, फुजैल खान, तसलीम अहमद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने न केवल ईद की खुशियों को साझा किया, बल्कि साहित्य के माध्यम से सामाजिक एकता और भाईचारे का सशक्त संदेश भी दिया।