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विश्व बैंक फीटर ठीक करने पहुंचे दो लाइनमैन मौत के मुंह से बाल बाल बचे

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सचिन पटेल

चन्दौली कंन्दवा ।। 33/11 अमड़ा विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा बिजली हादसा होते-होते टल गया। विश्व बैंक फीडर की खराबी ठीक करने पहुंचे दो लाइनमैन मौत के मुंह में जाने से बाल-बाल बच गए।
मिली जानकारी के अनुसार दोपहर लगभग 12 से 1 बजे के बीच 33/11 अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े विश्व बैंक फीडर की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। फाल्ट ठीक करने के लिए लाइनमैन रमेश कुमार मौके पर पहुंचे और मरम्मत कार्य के बाद उपकेंद्र से सप्लाई चालू करवाई। लेकिन बिजली होल्ड नहीं हो रही थी, जिससे उन्हें दोबारा फाल्ट तलाशने निकलना पड़ा।
जांच के दौरान तंबागढ़ गांव के पास बेहद खतरनाक स्थिति देखने को मिली। बताया जा रहा है कि 33/11 डबरीहा विद्युत उपकेंद्र के माधोपुर फीडर का तार टूटकर अमड़ा उपकेंद्र के विश्व बैंक फीडर पर गिर गया था। इसी वजह से दोनों फीडरों की बिजली सप्लाई लगातार ट्रिप कर रही थी।


सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि जिस समय माधोपुर फीडर के लाइनमैन संजय कुमार शटडाउन लेकर खंभे पर चढ़कर फाल्ट ठीक कर रहे थे, उसी दौरान 33 केवी जमानिया सबस्टेशन से अमड़ा विद्युत उपकेंद्र की सप्लाई रोस्टिंग के तहत बंद कर दी गई थी। यदि उस समय किसी भी फीडर में अचानक करंट प्रवाहित हो जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
लाइनमैनों के अनुसार कुछ वर्ष पहले भी इसी प्रकार की लापरवाही और तकनीकी गफलत के कारण एक बड़ा हादसा हो चुका है, जिसमें लाइनमैन रमेश कुमार समेत पांच कर्मचारी चपेट में आ गए थे। उस घटना में रमेश कुमार का पैर फैक्चर हो गया था।
घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने मांग की है कि विभाग फीडरों की नियमित जांच, जर्जर तारों के बदलने और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

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