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पेट्रोल की बढ़ी कीमतों पर फूटा आम जनता का गुस्सा“महंगाई और बेरोजगारी ने पहले ही तोड़ दिया है, अब पेट्रोल वृद्धि ने बढ़ाई चिंता

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अशोक कुमार जायसवाल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल की कीमतों में ₹3.84 प्रति लीटर की बढ़ोतरी किए जाने के बाद आम जनता में नाराजगी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को मुगलसराय में लोगों ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर पेट्रोल मूल्य वृद्धि ने अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।


स्थानीय निवासी गजराज कुमार सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई में पेट्रोल के दाम बढ़ाना आम जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए पेट्रोल की कीमतें कम करनी चाहिए। उनका कहना था कि रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं और अब पेट्रोल महंगा होने से हर वर्ग प्रभावित होगा।
वहीं धनेश मिश्रा ने बेरोजगारी के मुद्दे को सबसे गंभीर बताते हुए कहा कि यदि सरकार लोगों को रोजगार उपलब्ध करा दे तो बढ़ती कीमतों का असर लोग किसी तरह सहन कर लेंगे। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में कमाने वाला कोई नहीं है, वहां स्थिति बेहद चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम आदमी की आमदनी और जीवन स्तर पर पड़ता है।


धनेश मिश्रा ने सरकार और व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए पेपर लीक, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है और जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय राजनीतिक दल आपसी विवादों में उलझे रहते हैं। उन्होंने GST व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गरीब और बेरोजगार लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है।


एक अन्य व्यक्ति ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ने से आम जनता को सीधा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि जो पेट्रोल पहले लगभग ₹90 प्रति लीटर के आसपास मिल रहा था, अब उसमें और बढ़ोतरी होने से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उनका कहना था कि परिवहन से लेकर दैनिक उपयोग की वस्तुओं तक हर चीज महंगी हो जाएगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी केवल वाहन चालकों को ही नहीं बल्कि हर वर्ग को प्रभावित करती है, क्योंकि इससे खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं की लागत भी बढ़ जाती है। जनता ने सरकार से पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के समाधान की मांग की है।

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