
चकिया । सिकंदरपुर स्थित शिव मंदिर परिसर में जागृति सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन शुक्रवार की देर शाम श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने भगवान श्रीराम के वनगमन एवं केवट प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने केवट और प्रभु श्रीराम के बीच हुए संवाद को बड़े ही जीवंत अंदाज में प्रस्तुत किया। केवट की प्रभु के प्रति निष्काम भक्ति, प्रेम और समर्पण को सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उन्होंने बताया कि केवट प्रभु श्रीराम के चरण पखारने की जिद करता है और बिना पांव धोए नाव में बैठाने से इनकार करता है। उसका यह भाव भक्त और भगवान के मधुर संबंध का अनुपम उदाहरण है। केवट प्रभु से कोई धन-दौलत नहीं, बल्कि भक्ति का वरदान मांगता है और कहता है कि मैं आपको इस पार उतार दूंगा, आप मुझे भवसागर से पार लगाइए।

कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों ने माहौल को और अधिक भावुक बना दिया। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूम उठे। इस अवसर पर मानस मयूरी शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि श्रीराम कथा जीवन का श्रृंगार है और यह मनुष्य को सदाचार, मर्यादा और भक्ति का मार्ग दिखाती है। उन्होंने समाज में साधु-संतों के सम्मान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बेटियां घर-आंगन की सच्ची शोभा होती हैं, उनका सम्मान और संरक्षण करना हम सभी का कर्तव्य है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रदीप मौर्य, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ. कुंदन गोंड, भाजपा नेत्री अनीता शर्मा, आयोजन अध्यक्ष संतोष मौर्य, संजय सिंह, विजय चौरसिया, प्रधान प्रतिनिधि सत्य प्रकाश गुप्ता, राजेंद्र जायसवाल, बाबा जागेश्वर नाथ श्रीराम कथा समिति के अध्यक्ष अरविंद सिंह, रामभरोस जायसवाल, दिनेश बघेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।