
चंदौली में मंगलवार को कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विकास भवन पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय का घेराव करते हुए जनहित से जुड़ी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ‘मुना’ ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे जनविरोधी और भ्रष्टाचारी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के चलते चंदौली समेत पूरे प्रदेश की जनता परेशान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में करीब एक करोड़ मनरेगा मजदूरों की लगभग 75 दिनों की मजदूरी बकाया है, जबकि मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का करीब दो हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी लंबित है। इसके अलावा रोजगार सेवकों सहित लगभग 40 हजार संविदा कर्मियों का औसतन आठ महीने का मानदेय भी नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने में लगी हुई है।
जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने जिला प्रशासन से मांग की कि जिले के सभी मनरेगा मजदूरों की बकाया मजदूरी और कराए गए कार्यों का भुगतान तत्काल किया जाए। साथ ही रोजगार सेवकों व अन्य संविदा कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं को समय से गैस उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इसके साथ ही बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और अवैध वसूली बंद कराने की भी बात कही।
अरुण द्विवेदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी आम जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर व्यापक जन आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन के दौरान बृजेश गुप्ता, मधु राय, रामानंद यादव, रजनीकांत पांडेय, सतीश बिंद, गंगा प्रसाद, राजेंद्र गौतम, दयाराम पटेल, राममूरत गुप्ता, कुलदीप वर्मा, शिवतपस्या तिवारी, गुलाब राम, शिवेंद्र मिश्रा, नवीन पांडेय, संतोष तिवारी और दिलीप यादव सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।