
चन्दौली। अशोक कुमार जायसवाल सत्येन्द्र कुमार बारी, सदस्य, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, उत्तर प्रदेश ने जनपद भ्रमण के दौरान जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई के उपरांत पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई।
शिक्षा को लेकर सख्त रुख
आयोग सदस्य ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों सहित सभी विद्यार्थियों को विद्यालयों से जोड़ने और शिक्षा स्तर को बेहतर बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने अभिभावकों को सरकारी विद्यालयों की हाई-टेक सुविधाओं, स्मार्ट क्लास, बेहतर साफ-सफाई, खेल मैदान, गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन और शुद्ध पेयजल जैसी व्यवस्थाओं के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई, ताकि अधिक से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों में नामांकित हों।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का दावा
बारी ने कहा कि वर्तमान में विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, सरकार द्वारा संचालित अभ्युदय कोचिंग सेंटर के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी लाभ मिल रहा है।

‘आयोग आपके द्वार’ अभियान से जागरूकता
उन्होंने ‘आयोग आपके द्वार’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहा है तथा योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा रहा है, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।
जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर
आयोग सदस्य ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला दिव्यांगजन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सही जानकारी ही पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करने की कुंजी है।
जनसुनवाई और समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। आयोग सदस्य ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।