


चंदौली। श्री शीतला माता जन कल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में शनिवार को 15 अगस्त के पावन अवसर पर देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के आश्रम परिसर में विधिवत ध्वजारोहण किया गया। जैसे ही तिरंगा शान से लहराया, पूरा परिसर भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान के साथ देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और देश की रक्षा में प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम में श्री शीतला माता जन कल्याण ट्रस्ट के महंत मुकेश महाराज ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सामाजिक समरसता को बनाए रखने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में सुबह से ही उत्साह और देशभक्ति का माहौल बना रहा।
गरीब और जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची राष्ट्रसेवा : मुकेश महाराज
इस अवसर पर महंत मुकेश महाराज ने सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद करने का दिन है, जिनके अथक प्रयासों और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा पर रहकर ही नहीं, बल्कि समाज के गरीब, असहाय, वंचित और जरूरतमंद लोगों की मदद करके भी की जा सकती है। मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महंत मुकेश महाराज ने कहा कि श्री शीतला माता जन कल्याण ट्रस्ट और आश्रम के माध्यम से लंबे समय से गरीबों, असहायों और जरूरतमंद लोगों की सेवा करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में भी सेवा कार्यों को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग की समस्याओं को सामने लाना और उनके अधिकारों की आवाज को मजबूती देना भी सामाजिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो समाज के गरीब, कमजोर और वंचित लोगों की समस्याओं एवं उनके अधिकारों की आवाज को विधान परिषद तक उनके प्रतिनिधि के रूप में पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका जीवन सनातन, समाजसेवा, मानव सेवा और राष्ट्रहित के लिए समर्पित है और आने वाले समय में भी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुकेश महाराज ने कहा कि जब समाज का गरीब और कमजोर वर्ग मजबूत होगा, तभी देश वास्तविक अर्थों में मजबूत होगा। समाज में किसी व्यक्ति को अकेला या असहाय महसूस न होने देना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा, प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की।
युवाओं को शिक्षित, संस्कारित और जिम्मेदार बनना होगा : प्रताप चौबे
कार्यक्रम में युवा भारतीय मंच के अध्यक्ष एवं भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव (प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) प्रताप चौबे ने भी उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। यदि युवा शक्ति को सही दिशा, शिक्षा और संस्कार मिलें तो भारत को विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने कहा कि आजादी का वास्तविक महत्व तभी समझा जा सकता है, जब हम अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें। प्रत्येक नागरिक को देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। युवाओं को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।


प्रताप चौबे ने कहा कि युवाओं को नशा, अपराध और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रहकर समाज के निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। शिक्षा, सेवा, जागरूकता और सामाजिक एकता के माध्यम से ही मजबूत एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति यदि राष्ट्रहित के लिए संगठित होकर कार्य करे तो समाज में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
नए पदाधिकारियों का हुआ स्वागत और सम्मान
समारोह के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों को भी गति देने पर जोर दिया गया। चंदौली और मिर्जापुर जिले सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से संगठन के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ संगठन के कई नए पदाधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नए पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाने के लिए प्रेरित किया। कहा गया कि संगठन से जुड़ना केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को स्वीकार करना है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों और देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामाजिक एकता और राष्ट्रप्रेम का दिया संदेश
महंत मुकेश महाराज ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह संदेश देता है कि देश की आजादी अनेक वीरों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। इसलिए आजादी की कीमत को समझना और इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म, क्षेत्र और अन्य भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज में आपसी भाईचारा और प्रेम बनाए रखें तथा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि सेवा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम को साथ लेकर चलने वाला समाज ही मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की नींव रख सकता है।
समारोह के दौरान आश्रम परिसर में देशभक्ति का वातावरण बना रहा। उपस्थित लोगों ने तिरंगे के सम्मान और देश की उन्नति के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शामिल पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम करते हैं।
अंत में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, अतिथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। देश की शांति, समृद्धि, उन्नति और खुशहाली की कामना की गई। राष्ट्रहित, समाजसेवा, सामाजिक समरसता और जरूरतमंदों की सहायता के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

