
मुगलसराय। राष्ट्रीय लोक दल के कैंप कार्यालय खोवा मंडी पर किसानों, मजदूरों और गरीबों के मसीहा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 39वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर दो मिनट का मौन धारण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष समरनाथ सिंह यादव ने की। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों, मजदूरों और गरीबों के सच्चे हितैषी थे। उनका पूरा जीवन गांव, खेत-खलिहान, गरीब और वंचित समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने अपने कार्यकाल में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेकर किसानों और आम जनता को लाभ पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए भी पूरी ईमानदारी और सादगी के साथ कार्य करते थे। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर वह स्वयं भेष बदलकर जांच करने निकल पड़ते थे।
नगर अध्यक्ष डॉ. भागवत नारायण चौरसिया ने कहा कि चौधरी चरण सिंह वर्ष 1937 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने थे। किसानों को उनकी भूमि पर स्वामित्व दिलाने के उद्देश्य से उन्होंने भूमि उपयोग विधेयक का मसौदा तैयार कर सभी विधायकों को भेजा था। हालांकि तत्कालीन अंग्रेज गवर्नर ने उसे विधानसभा में पेश करने की अनुमति नहीं दी, लेकिन बाद में वही विधेयक उत्तर प्रदेश में जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार कानून का आधार बना। उन्होंने “जिसकी जोत, उसी की धरती” के सिद्धांत को साकार करने का कार्य किया।
विधिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामविलास यादव एडवोकेट ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने आगरा विश्वविद्यालय से कानून की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वर्ष 1928 में गाजियाबाद में वकालत शुरू की थी। वह अपने जीवन में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रसिद्ध थे तथा केवल उन्हीं मुकदमों को स्वीकार करते थे जिनमें उन्हें न्यायपूर्ण पक्ष दिखाई देता था।
श्रद्धांजलि सभा में महेंद्र यादव, रामविलास यादव एडवोकेट, रंजीत रावत, रामनिवास घोष, अभिषेक शर्मा, सत्येंद्र जायसवाल, नीलू यादव,ेंद्र यादव सहित कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. भागवत नारायण चौरसिया ने किया।