
नियामताबाद (चंदौली)। ग्रामीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को विकास खण्ड नियामताबाद के सभागार में दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। 19 मार्च से 20 मार्च 2026 तक चलने वाले इस शिविर में जनपद के ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक और ग्राम पंचायत सचिव बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
प्रमुख बिंदु और निर्देश:
उद्घाटन: कार्यक्रम का शुभारंभ खण्ड विकास अधिकारी (BDO) रुबेन शर्मा और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) मनोज कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। यह पूरा आयोजन उप निदेशक (पंचायत), वाराणसी मण्डल के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है।
*डिजिटल पारदर्शिता पर जोर: BDO रुबेन शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों की प्रोफाइल और कार्य योजना को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर समय रहते अपलोड करना अनिवार्य है।
*वित्तीय अनुशासन: उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायतों में होने वाली सभी खरीदारी और सेवाएँ जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से ही की जाएं। साथ ही, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए सभी भुगतान PFMS और पंचायत गेटवे के जरिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन: मुख्य प्रशिक्षक योगेश और उषा शर्मा ने प्रतिभागियों को पंचायत विकास योजना (GPDP) के निर्माण, पोर्टल के तकनीकी उपयोग और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया।
“इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर कार्यों में पारदर्शिता लाना और डिजिटल माध्यमों के जरिए विकास कार्यों को गति देना है।” — रुबेन शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी

प्रशिक्षण का प्रभाव
कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की। उनका मानना है कि इस तकनीकी जानकारी से न केवल पंचायत के कार्यों में दक्षता आएगी, बल्कि जवाबदेही भी तय होगी।