
पीडीडीयू नगर(चन्दौली)- अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती ने मुगलसराय में नवसंवत्सर (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत् 2083) के उपलक्ष्य में ‘सुर-ताल सांस्कृतिक संध्या’ का आयोजन किया। बुधवार की शायं काल स्थानीय रामकृष्ण महिला इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येन्द्र कुमार बारी ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विशिष्ट अतिथियों में वर्षा मोटवानी, रणजीत सिंह, श्वेता कनोडिया और रमेश सिंह शामिल थे।

संस्था के मुख्य संरक्षक डॉ. सुरेश अकेला, महामंत्री राजकुमार जायसवाल, जिलाध्यक्ष सतीश कुमार जिंदल, कोषाध्यक्ष संजय राय और संयोजक घनश्याम जोशी ने इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक संध्या में संगीत, नृत्य, चैती, ठुमरी और कथक सहित विभिन्न कला विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। नन्हे बच्चों से लेकर युवा कलाकारों तक ने मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, कला और साहित्य को बढ़ावा देना तथा नवसंवत्सर का स्वागत करना था। अतिथियों ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया और संस्कार भारती के प्रयासों की सराहना की।
संस्कार भारती काशी प्रांत के मंचीय कला संयोजक सुधीर कुमार पांडेय ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय नववर्ष हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संस्था दीप, संगीत, चैती, होली, ठुमरी और कथक जैसी पारंपरिक विधाओं के माध्यम से नववर्ष का स्वागत कर रही है, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति को पहचान सके।

पांडेय ने यह भी कहा कि संस्कार भारती का उद्देश्य संपूर्ण विश्व को भारतीय संस्कृति से परिचित कराना और विलुप्त होती परंपराओं को पुनः जीवंत करना है। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों की भीड़ देखी गई।

कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों की भीड़ देखी गई। इस अवसर पर अनिल यादव, विशाल तिवारी, रोहित यादव, सतीश चौहान, दुर्गेश एडवोकेट, गीता रानी, कुमार नंद, आलोक सिंह, संतोष खरवार और उमेश दुबे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
