
नियामताबाद (चंदौली):नियामताबाद ब्लॉक में उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र कुमार बारी ने लंबे समय से लंबित मानदेय भुगतान के मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया। वह बुधवार को ब्लॉक कार्यालय पहुंचे और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रूबेन शर्मा से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली।
इस दौरान सदस्य बारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने हक और न्याय के लिए भटकना न पड़े, यह आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा गांव-गांव में “जन संवाद/न्याय अभियान” चलाया जा रहा है, जिसके तहत लोगों की समस्याओं को मौके पर सुनकर उनका त्वरित समाधान किया जा रहा है।

बैठक में रोजगार सेवकों के मानदेय भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। जानकारी दी गई कि तकनीकी कारणों के चलते पिछले आठ महीनों से मानदेय लंबित है, जिससे रोजगार सेवकों को गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर नाराजगी जताते हुए सत्येंद्र कुमार बारी ने कहा कि यह स्थिति पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि यह मामला पहले ही चंदौली के जिलाधिकारी और नियामताबाद के बीडीओ के संज्ञान में लाया जा चुका है, साथ ही लखनऊ स्थित उच्च अधिकारियों से भी इस संबंध में वार्ता की गई है।
आयोग सदस्य ने संबंधित अधिकारियों को एक दिन का समय देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ शासन स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को उठाएंगे।
इस दौरान मौजूद रोजगार सेवकों ने आयोग के हस्तक्षेप पर उम्मीद जताई कि जल्द ही उनके लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित होगा।