
चंदौली। धानापुर कस्बे स्थित शहीद हीरा सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर का सोमवार को समापन हो गया। यह शिविर 10 मार्च से 16 मार्च तक चला, जिसका कार्यस्थल धानापुर ग्रामसभा के वार्ड संख्या 12 स्थित मलिन बस्ती रहा।
सात दिवसीय शिविर में 50 स्वयंसेवकों ने भाग लेते हुए समुदाय की समस्याओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, नशा उन्मूलन, दहेज प्रथा उन्मूलन, लैंगिक समानता, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और मतदाता जागरूकता जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों में निस्वार्थ सेवा की भावना विकसित हुई और उन्होंने समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझा।

समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ध्रुव भूषण सिंह ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में संजना पटेल ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. नौशाद अहमद ने मुख्य अतिथि का माला, अंगवस्त्र और राष्ट्रीय सेवा योजना का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान मंजू, दिव्यांशी और उदित ने शिविर में मिले अपने अनुभवों को साझा किया, जबकि खुशी तिवारी ने “दहेज एक सामाजिक हिंसा है” विषय पर गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को संदेश दिया।

शिविर के दौरान उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले उदित, शिवशंकर, स्नेहा, नीतू सहित सभी शिविरार्थियों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सत्र 2025-26 के सात दिवसीय विशेष शिविर में पुरुष वर्ग में छट्टू गुप्ता और महिला वर्ग में दिव्यांशी पाण्डेय को श्रेष्ठ स्वयंसेवक घोषित किया गया।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने सात दिवसीय विशेष शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. ध्रुव भूषण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सात दिन का शिविर नहीं है, बल्कि सेवा की भावना को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना है। उन्होंने स्वयंसेवकों को समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
