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गोंड राजाओं के ऐतिहासिक राजचिन्ह के संरक्षण की मांग, विजय गोंड बॉर्डर ने डीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र

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चंदौली/नियमताबाद। समाजवादी अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता विजय गोंड बॉर्डर ने सोमवार को जिलाधिकारी चंदौली को प्रार्थना पत्र देकर आदिवासी इतिहास से जुड़े गोंड राजाओं द्वारा स्थापित ऐतिहासिक राजचिन्ह के संरक्षण की मांग की।
उन्होंने बताया कि चकिया तहसील स्थित दिलकुशा विश्राम गृह के प्रांगण में गोंडवाना राज्य का प्रतीक चिन्ह — हाथी के ऊपर शेर स्थापित है, जो आदिवासी इतिहास और गोंड राजाओं की विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। वर्तमान समय में यह राजचिन्ह जर्जर और जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में है, जिससे इसके संरक्षण और सुरक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
विजय गोंड बॉर्डर ने जिलाधिकारी से मांग की कि इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और गोंड राजाओं की विरासत से परिचित हो सकें।


उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज द्वारा गोंड राजाओं की विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से 20 अप्रैल 2026 को उक्त राजचिन्ह पर माल्यार्पण कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके लिए जिला प्रशासन से विधिवत अनुमति भी मांगी गई है।
विजय गोंड बॉर्डर ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस ऐतिहासिक राजचिन्ह के संरक्षण की दिशा में पहल करेगा तथा प्रस्तावित माल्यार्पण कार्यक्रम के लिए अनुमति प्रदान करेगा।

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