
चंदौली के सकलडीहा तहसील स्थित आपूर्ति कार्यालय में लापरवाही का मामला एक बार फिर सामने आया है। सोमवार को सुबह 11 बजे तक कार्यालय में कोई भी पूर्ति निरीक्षक मौजूद नहीं मिला, जिससे दूर-दराज से आए ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। खासकर नए राशन कार्ड बनवाने और नाम जोड़ने का काम पूरी तरह प्रभावित रहा।
बताया जा रहा है कि सकलडीहा तहसील की तीसरी मंजिल पर स्थित इस कार्यालय में सकलडीहा, धानापुर और चहनिया क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक बैठते हैं। लेकिन सोमवार को तय समय तक कोई भी अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
गौरतलब है कि 2 फरवरी को एसडीएम कुंदन राज कपूर ने इसी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान भी पूर्ति निरीक्षक अनुपस्थित पाए गए थे। हालांकि उस जांच के करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी कार्यालय की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के वाराणसी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ति निरीक्षक कभी भी समय पर कार्यालय नहीं आते और कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। उनका कहना है कि कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से मृत लोगों के नाम पर भी राशन उठाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जरूरतमंद और गरीब लोग राशन कार्ड में नाम जुड़वाने के लिए भटक रहे हैं, जबकि पैसे लेकर नाम जोड़ने का काम किया जा रहा है। गरीबों को तरह-तरह के नियम-कानून बताकर वापस भेज दिया जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों की लेटलतीफी और भ्रष्टाचार को लेकर पहले भी कई बार विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
किसान नेता जितेंद्र प्रताप तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गरीबों और जरूरतमंदों के नाम नहीं जोड़े गए और नए राशन कार्ड नहीं बनाए गए, तो आपूर्ति कार्यालय में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही लापरवाह अधिकारियों के निलंबन की मांग भी की गई है।

इस मामले में पूर्ति निरीक्षक विक्रांत श्रीवास्तव से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र में हैं, जबकि सुबह 10 से 12 बजे तक अधिकारियों को जनसुनवाई के लिए कार्यालय में उपस्थित रहना होता है। वहीं जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने कहा कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।