
पीडीडीयू नगर(चन्दौली)। बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार होली एक नई उमंग लेकर आती है।दिलो में एक दूसरे के लिए द्वेष को खत्म करके प्रेमपूर्वक इस त्योहार को मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।इस वर्ष भी रंगों का त्योहार होली 4 मार्च को खेली जाएगी। इसके पूर्व चंद्रग्रहण के कारण होलिका दहन 02 मार्च को आधी रात बाद होगा। होलिका दहन पर चंद्रग्रहण का का संयोग 130 वर्ष बाद बन रहा है। ऐसी ही स्थिति वर्ष 1894 में बना था। इस दिन भी चंद्रग्रहण के कारण होलिका के एक दिन बाद होली खेली गई थी।

फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है। वहीं चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि को होली खेली जाती है। इस वर्ष पूर्णिमा पर ही चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस वजह से होलिका दहन को लेकर संशय की स्थिति बनी है। इसी वजह से इस वर्ष होलिका दहन के एक दिन बाद होली मनाया जाएगा। हृषिकेश पंचांग के अनुसार 2 मार्च यानी सोमवार की आधीरात के बाद मंगलवार की भोर में होलिका दहन किया जाएगा। वहीं 04 मार्च को होली खेली जाएगी। पं. कुंज बिहारी मिश्र ने बताया फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 02 मार्च 2026 की शाम 5:19 बजे से शुरू होकर 03 मार्च 2026 को शाम 4:33 बजे तक रहेगी। 02 मार्च की शाम से भद्रा भी लग जाएगा। भद्रा 03 मार्च की सुबह 04:56 बजे तक रहेगी। वहीं 03 मार्च की शाम 05:59 बजे से चंद्रग्रहण लगेा। इसका मोक्ष 06:47 बजे होगी। ग्रहण काल में स्नान दान आदि किया जाता है। इसी वजह से 02 मार्च को आधी रात के बाद भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन किया जा सकता है। वहीं होली 04 मार्च को खेली जाएगी।
Report by- Mahendra Prajapati