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पीडीडीयू नगर में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, जीटी रोड पर प्रशासन की सख्ती

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चंदौली।पीडीडीयू नगर ।अशोक कुमार जायसवाल  नगर में गुरुवार को नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाया गया तथा सड़क किनारे खड़े वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।
अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान


अभियान में सीओ मुगलसराय अरुण कुमार सिंह, नगर पालिका ईओ/एसडीएम राजीव मोहन सक्सैना तथा कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक टीम ने जीटी रोड सहित प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पैदल मार्च कर अतिक्रमण हटवाया और दुकानदारों को सख्त हिदायत दी।
जीटी रोड पर बड़ी कार्रवाई


जीटी रोड पर सड़क किनारे लगाए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया गया। बाटा शोरूम के सामने खड़ी मोटरसाइकिलों का चालान काटा गया, जबकि कई साइकिलों को नगर पालिका टीम ने जब्त कर वाहन में लादकर अपने साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान मजदूरों की साइकिलें भी जब्ती की जद में आ गईं।
अस्थायी ठेलों पर भी कार्रवाई


रमजान के चलते इफ्तार और सहरी के लिए लगाए गए कुछ अस्थायी ठेले व दुकानों को भी हटवाया गया। पुलिस और प्रशासन की सख्ती देखते ही कई दुकानदारों ने स्वयं ही अपनी दुकानें बंद कर दीं और अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया।
चालान और चेतावनी


नगर पालिका ईओ द्वारा कई दुकानदारों के चालान काटे गए और भविष्य में सड़क व फुटपाथ पर अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभियान रहेगा जारी
प्रशासन ने बताया कि शहर को जाम और अव्यवस्था से मुक्त करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अभियान से पूरे नगर में हड़कंप का माहौल रहा और बाजार क्षेत्रों में दिनभर हलचल बनी रही।

अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, जिसमें ईओ नगर पालिका और क्षेत्राधिकारी डीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह व कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने भारी पुलिस फोर्स के साथ सड़कों पर उतरकर कई स्थानों से अतिक्रमण हटवाया। अभियान के दौरान फुटपाथ व सड़क किनारे रखी गई दुकानों और सामान को हटाया गया, लेकिन कुछ मजदूरों की साइकिल भी पुलिस द्वारा उठाकर ले जाने की बात सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।

लोगों का कहना है कि गरीब और मजदूर वर्ग पर सख्ती दिखाई गई, जबकि बड़े अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई सीमित रही। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि “बड़ी मछलियों को छोड़कर छोटे गरीबों पर कार्रवाई क्यों?” उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान “एक दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात” साबित न हो।

क्या आप इस अभियान के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं या इसके परिणामों पर चर्चा करना चाहते हैं?

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