

चन्दौली- गुरुवार को कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा कानून में कथित बदलाव और पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के विरोध में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम कमलापति पार्क के पास आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों से पूंजीपतियों और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि ग्रामीण मजदूरों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना था कि इन बदलावों से गांवों में रोजगार के अवसर कम होंगे और मजदूरों का शोषण बढ़ेगा।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि लखनऊ में मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध में हुए एक अन्य प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार और उत्पीड़न किया गया। उन्होंने केंद्र सरकार से नए प्रावधानों को वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार लगातार किसान और मजदूर विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि नए प्रावधानों के तहत मनरेगा में मजदूरों को मिलने वाली 100 दिन के रोजगार की गारंटी कमजोर की जा रही है और ठेकेदारी व आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे श्रमिकों के अधिकार प्रभावित होंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन बदलावों का विरोध करती है और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।
धरना-प्रदर्शन में देवेंद्र प्रताप सिंह ‘मुन्ना’, बृजेश गुप्ता, मधु राय, राजेंद्र प्रसाद गौतम, रामानंद यादव, रजनीकांत पांडेय (नगर अध्यक्ष), संजय जायसवाल, दयाराम पटेल, राकेश कुमार, राजेश चौधरी सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।