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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन, राष्ट्र गौरव और सांस्कृतिक चेतना पर हुआ विमर्श

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मुगलसराय। लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रविवार, 11 मई को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारतीय स्वाभिमान और राष्ट्र चेतना का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता प्रो. संजय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक शक्ति और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह स्वाभिमान पर्व नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराते हुए उनमें राष्ट्र के प्रति गर्व और सम्मान की भावना जागृत करने का कार्य करता है।
उन्होंने आगे कहा कि “जहां आस्था बुलंद होती है, वहां इतिहास झुक जाता है” जैसे प्रेरणादायी सिद्धांत पर आधारित यह आयोजन भारतीय संस्कृति और आत्मगौरव को मजबूत करने का संदेश देता है।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अरुण पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. भावना ने प्रस्तुत किया। आयोजन में महाविद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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