[smartslider3 slider="2"]

मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों की आवाज बुलंद, मुआवजा और पुनर्वास की उठी मांग

Connect With Social Media
अशोक कुमार जायसवाल

सचिन पटेल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, बुधवार को  मुगलसराय।
पड़ाव से मुगलसराय होते हुए गदना मोड़ तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण और सिक्स लेन निर्माण कार्य को लेकर प्रभावित व्यापारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजेश कुमार ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य शासन की निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा रहा है। आवश्यकतानुसार दुकानों पर निशान लगाए गए हैं और संबंधित लोगों को पूर्व सूचना भी दी गई है। उन्होंने कहा कि कई व्यापारी स्वयं अपनी दुकानें हटा रहे हैं ताकि निर्माण कार्य में बाधा न आए। सड़क निर्माण के साथ-साथ दोनों तरफ आठ-आठ फीट चौड़े फुटपाथ और ड्रेन निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। पहली, जिन दुकानदारों की दुकानें टूट रही हैं उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और दूसरी, दक्षिण पटरी के प्रभावित व्यापारियों को व्यवस्थित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा नगरपालिका के ईओ और एसडीएम को जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी चंदेश्वर जायसवाल ने कहा कि व्यापारी विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं, लेकिन जिन लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है, उनके पुनर्वास की व्यवस्था पहले की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों को नई जगह बसाने के बाद ही पुरानी दुकानें हटाई जाएं। साथ ही उन्होंने सड़क के किनारे सर्विस लेन बनाए जाने की भी मांग उठाई, ताकि ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग व्यवस्था हो सके और बाजार में जाम की समस्या कम हो।
व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण अग्रहरी ने भी प्रशासन से मांग की कि प्रभावित व्यापारियों को मुआवजा देने के साथ-साथ उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि फायर ब्रिगेड के पास नगरपालिका की खाली जमीन पर विस्थापित व्यापारियों को बसाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी विकास कार्यों में बाधक नहीं बनना चाहते, लेकिन सरकार को व्यापारियों के हितों और उनके नुकसान की भरपाई पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
फिलहाल प्रशासन और व्यापारियों के बीच वार्ता का दौर जारी है और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकलकर सामने आएगा।

Leave a Comment

error: Content is protected !!