
चकिया । शहाबगंज विकासखंड के धन्नीपुर गांव में राधा-कृष्ण सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का समापन गुरुवार को भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गया। अंतिम दिन वृंदावन से पधारे कथावाचक ब्रजराज दास महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का समापन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन, भक्ति और वैराग्य के महत्व का विस्तार से वर्णन किया।
कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को जीवन जीने की सच्ची राह दिखाती है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि धर्म, सत्य और करुणा के मार्ग पर चलकर ही जीवन को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को मोह-माया और अहंकार का त्याग कर भगवान की भक्ति में मन लगाना चाहिए। भक्ति से ही मनुष्य के जीवन के दुख और कष्ट दूर होते हैं तथा आत्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
उन्होंने आगे कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने और सुनाने से मन शुद्ध होता है और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना मजबूत होती है। कथा का उद्देश्य लोगों को अच्छे संस्कारों से जोड़ना और उन्हें सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना है। आरती के साथ कथा का समापन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान पूरा पंडाल भगवान के जयकारों और भजन-कीर्तन से गूंज उठा।
इस अवसर पर रामस्वारथ यादव, बब्बल यादव, सोहन, राजेश विश्वकर्मा, हवलदार यादव, रिंकू, निर्मला देवी, शांति देवी सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया।