
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां 1 अप्रैल 2026 से ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर नगर के हजारों घरों तक अभी भी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की सुविधा नहीं पहुंच पाई है।
नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के अनुसार, पूरे नगर क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 49 टन कचरा निकलता है। इसमें घरेलू, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का कचरा शामिल है। इतने बड़े पैमाने पर निकलने वाले कचरे के उचित प्रबंधन के लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन आवश्यक है, लेकिन वर्तमान में यह सुविधा नगर के केवल 7 मोहल्लों तक ही सीमित है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, लगभग 12 हजार घर अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। इन घरों के निवासियों को कूड़ा फेंकने के लिए दूर जाना पड़ता है, या फिर उन्हें खाली प्लॉट, नालियों और सड़कों के किनारे कचरा डालने पर मजबूर होना पड़ता है। इससे पूरे शहर में गंदगी फैल रही है और सफाई व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
नगर पालिका परिषद के अलीनगर-बिछड़ी क्षेत्र के पूर्व सभासद राजा राम सोनकर

ने इस मामले में नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की बात केवल कागजों पर है, जबकि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था कहीं दिखाई नहीं देती। सोनकर ने यह भी बताया कि नगर के अधिकांश वार्डों में कूड़ा उठाने की कोई नियमित व्यवस्था नहीं है।