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नौ दिनों के व्रत के बाद कन्या पूजन, नगर-नगर में दिखी श्रद्धा और भक्ति की झलक

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना और व्रत रखने के बाद श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। नवरात्र के अंतिम दिनों में नगर के विभिन्न मोहल्लों, घरों और मंदिरों में कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने छोटी-छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा शांति की कामना की।


नवरात्र के दौरान पूरे नगर में धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा। नौ दिनों तक श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर उपवास रखा। इसके बाद अष्टमी और नवमी के अवसर पर परंपरानुसार कन्या पूजन कर व्रत का पारण किया। सुबह से ही घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं ने घरों की साफ-सफाई कर पूजा स्थल को सजाया और मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की।

कन्या पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने कन्याओं के पैर धोकर उन्हें आसन पर बैठाया। इसके बाद रोली, अक्षत और पुष्प से उनका पूजन किया गया। कन्याओं को श्रद्धापूर्वक हलवा, पूरी, चना सहित विभिन्न प्रकार के पकवान परोसे गए। भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा, फल, मिठाई और उपहार भेंट किए गए। कई स्थानों पर कन्याओं के साथ एक बालक को भी भैरव स्वरूप मानकर पूजन करने की परंपरा निभाई गई।

घर-घर में दिखी भक्ति, मंदिरों में रही चहल-पहल

नगर के विभिन्न इलाकों में कन्या पूजन को लेकर सुबह से ही चहल-पहल देखने को मिली। श्रद्धालु कन्याओं को आमंत्रित कर उनका पूजन करते नजर आए। वहीं, मंदिरों में भी भक्तों की आवाजाही बनी रही। मां दुर्गा के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर अपने परिवार के सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और जीवन में उन्नति की प्रार्थना की।

नवरात्र के नौ दिनों तक व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए कन्या पूजन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि छोटी कन्याओं में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का वास होता है। इसी आस्था के साथ भक्त कन्याओं का सम्मान करते हुए उन्हें भोजन कराते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। कन्या पूजन के माध्यम से समाज में बेटियों के सम्मान और उनके प्रति श्रद्धा का संदेश भी दिया जाता है।

श्रद्धा और परंपरा के साथ हुआ नवरात्र व्रत का समापन

नवरात्र के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आरती कर पूजा-अर्चना संपन्न की। कई घरों में धार्मिक अनुष्ठान और प्रसाद वितरण भी किया गया। नौ दिनों तक चले पूजा-पाठ और व्रत के समापन पर श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और उल्लास दिखाई दिया। भक्तों ने मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।

कुल मिलाकर, नवरात्र के अवसर पर नगर-नगर में आयोजित कन्या पूजन ने धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक सद्भाव की सुंदर झलक प्रस्तुत की। मां दुर्गा की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कन्या पूजन कर नवरात्र पर्व का समापन किया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा और लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।

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