
चंदौली। धान खरीद के अहम सीजन में डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र प्रताप सिंह के कार्यालय से लगातार अनुपस्थित रहने को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी है। किसान अपनी समस्याएं लेकर कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन अधिकारी से मुलाकात न हो पाने के कारण निराश होकर लौटने को मजबूर हैं।
किसान विकास मंच के मंत्री रामअवध सिंह ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाते हुए बताया कि डिप्टी आरएमओ को यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं से जुड़ी ड्यूटी में लगाया गया है। उन्हें माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं के तहत आठ परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण का दायित्व सौंपा गया है। इसी कारण वे धान खरीद से संबंधित किसानों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने में असमर्थ हैं।
मंच का कहना है कि सरकारी खरीद केंद्रों पर किसान पहले से ही तकनीकी व प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी का कार्यालय में उपलब्ध न होना किसानों की परेशानी को और बढ़ा रहा है। किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही।
किसान विकास मंच ने सरकार की इस व्यवस्था की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि धान खरीद जैसे व्यस्त और संवेदनशील समय में डिप्टी आरएमओ को अन्य विभागीय ड्यूटी से मुक्त किया जाए, ताकि किसान अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारी के समक्ष रख सकें।

मंच ने ऐलान किया है कि इस मामले को मुख्यमंत्री पोर्टल और फैक्स के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया जाएगा। मंच का कहना है कि यदि जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को अन्य कार्यों में उलझाया जाएगा, तो किसान अपनी समस्याएं किसे बताएंगे और उनका समाधान कौन करेगा।
किसान विकास मंच ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।