
डीडीयू मण्डल- पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू सर्कुलेटिंग एरिया में आरपीएफ द्वारा बनाया गया पैसेंजर होल्डिंग एरिया व पाथवे पर नो पार्किंग लिख कर प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ वाहनों को पार्क किया जाता है। नो पार्किंग पर कब्जा न सिर्फ पार्किंग ठेकेदार का घाटा करा कर रेल राजस्व का नुकसान करा रही है बल्कि वेतन कार्यालय के सामने व एटीएम के बगल में होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था में लूप होल भी बन रही है।

●आपको बता दे इस नो पार्किंग से आये दिन बाइक चोरी की घटनाएं होती रहती है जो रेलवे की दूसरी सुरक्षा एजेंसी जीआरपी के लिए बड़ा सिरदर्द है। कुछ माह पूर्व आरपीएफ के एसआई की बाइक भी यही से चोरी हुई थी बावजूद इसके यहां रेलवे स्टाफ के नाम पर खुला खेल चल रहा है।

●विदित हो कि करीब डेढ़ दशक पूर्व रेलवे ने इस स्थान पर एक टेंडर निकाला था। ठेका जिसे मिला जब वह स्टैंड संचालित करने आये तो वेतन कार्यालय व सुरक्षा का हवाला देकर टेंडर को निरस्त किया गया था और ठेकेदार ने अपने पैसे की वापसी के लिए डीआरएम ऑफिस गेट पर अनिश्चितकालीन धरना भी दिया था।अब सवाल यह है कि वेतन कार्यालय अगर वही है तो डेढ़ सौ वाहनों की पार्किंग से अब खतरा क्यों नही।ऐसे कई सवाल आरपीएफ डीडीयू की कार्यशैली पर उठते है।