
चकिया- नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि महीनों पहले नंबर लगाने के बावजूद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे रसोई का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
लोगों का कहना है कि बुकिंग के बाद एजेंसी की ओर से फोन कर डिलीवरी का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता में घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचता। मजबूरी में उपभोक्ताओं को एजेंसी का चक्कर लगाना पड़ रहा है, जहां सुबह से घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इससे खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के आरोप भी सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चखना, चाट-पकौड़े, अंडा और मिठाई की दुकानों पर कमर्शियल सिलेंडर के बजाय घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
उपभोक्ताओं ने भारत गैस एजेंसी चकिया की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।