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धानापुर में भूमाफियाओं के खिलाफ उबाल, चकबंदी गड़बड़ी पर ग्रामीणों का बड़ा आंदोलन, माले ने दी चेतावनी

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महेंद्रप्र जापति

चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में भूमाफियाओं के बढ़ते प्रभाव और चकबंदी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी माले ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। बिझवल स्थित अंबेडकर पार्क में आयोजित सभा में सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर भूमाफियाओं के खिलाफ संघर्ष का ऐलान किया।
सभा को संबोधित करते हुए माले नेता श्रवण कुशवाहा ने आरोप लगाया कि चकबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर गरीब किसानों के खेतों के कागजात में हेरफेर की गई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास जमीन नहीं थी, उनके नाम करोड़ों की जमीन दर्ज कर दी गई, जबकि वास्तविक भूमिधरों के नाम गलत तरीके से हटाए या बदल दिए गए। इस वजह से हजारों ग्रामीण अपने हक के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।


कुशवाहा ने यह भी आरोप लगाया कि भूमाफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी उनके पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी व्यापक आंदोलन छेड़ेगी।
वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि चकबंदी से पहले बिझवल गांव की नवीन परती जमीन पर भी भूमाफियाओं ने गलत तरीके से अपना नाम दर्ज कर उसे बेचने की कोशिश की है। ग्रामीण रूदल राम ने सवाल उठाया कि चकबंदी के कागजात संख्या 4145 में इस जमीन पर दूसरे व्यक्ति का नाम कैसे दर्ज हो गया।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त नवीन परती जमीन को सार्वजनिक उपयोग में लाया जाए। उन्होंने यहां खेल मैदान बनाने के साथ ही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए भूमि आवंटित करने की मांग रखी।
इस मौके पर अखिलेश राम, रुदल राम, शेखर भारतीय, रामरूप राम, सोहन राम, राधिका देवी, रामअवध राम, अनिप कुमार, रामसूरत राम, जीनाथ राम, मीनाथ राम, नोखे, खन्ने लाल, अरविन्द कुमार, राजाराम, कुमारी देवी, आलियारी देवी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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