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GRADE A+ का दावा या यात्रियों से छलावा!DDU जँ पर कितने महफूज है यात्री!

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डीडीयू मंडल-(महेन्द्र प्रजपति) पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन जिसे हम सभी पहले मुगलसराय जंक्शन के नाम से जानते थे। नाम बदला लेकिन रेल अधिकारी तस्वीर नही बदल पाए। आपको बतादे कि भारतीय रेलवे में डीडीयू जंक्शन Grade A+ (NSG2 श्रेणी) में रखा गया है जो एक बहुत ही महत्वपूर्ण और व्यस्त स्टेशन माना जाता है। यह पूर्व मध्य रेलवे जोन के अंतर्गत आता है और इसे भारत के TOP 7 सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है।

आइये अब यहां के पैसेंजर सिक्योरिटी सिस्टम पर नजर डालें। स्टेशन के मुख्य द्वार के बाहर सर्कुलेटिंग एरिया में व्हीकल स्कैनर कई वर्ष पहले लगाया गया। लेकिन उद्घाटन के एक महीने के बाद ही लगेज स्कैनर ने दम तोड़ दिया। अब तक रेलवे के किसी अधिकारी ने इसे दुरुस्त कराने की जेहमत नहीं उठाई और इस खराब पड़े स्कैनर के देखभाल के लिए दो कांस्टेबल की ड्यूटी रोस्टर वाइज लगाई जाती है।

दूसरी तस्वीर डीडीयू जंक्शन के ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन की है। जहां यह मशीन कई दिनों से धूल फांक रही है और यात्री लंबी कतार लगाकर टिकट खरीद रहे हैं। यात्री सुविधा के इस दावे की भी यही हवा निकल जाती है।

बन्द पड़ा लगेज स्कैनर व खाली कुर्सियां

तीसरी तस्वीर डीडीयू जंक्शन पर लगाए गए लगेज स्कैनर की है जो सिर्फ महाप्रबंधक के विजिट की सूचना पर ही चलाया जाता है।खाली पड़ी कुर्सियां और बन्द पड़ा स्कैनर बताने के लिए काफी है कि यहां यात्री सुरक्षा से एजेंसियां किस तरह खिलवाड़ कर रही हैं।यहां कोई भी यात्री तस्करी का सामान या संदिग्ध वस्तु लेकर प्लेटफॉर्म से ट्रेन तक आसानी से पहुंच सकता है।ऐसे में रेलवे द्वारा सुरक्षा,संरक्षा व सेवा का दावा यात्रियों की मुस्कान छीनने से कम नही है।

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