
चकिया । अक्षय तृतीया के पूर्व संध्या पर शनिवार को क्षेत्र के कटवां माफी गांव निवासी अंतर्राष्ट्रीय सनातन धर्म रक्षा संघ एवं राष्ट्र सृजन अभियान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वृक्ष बंधु डॉ. परशुराम सिंह ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए भगवान परशुराम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम क्षत्रिय विरोधी नहीं थे, बल्कि वे उन उदंड और अत्याचारी क्षत्रियों के खिलाफ थे, जो समाज में शोषण और अन्याय फैला रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान परशुराम ने अपने समय में अन्याय, अत्याचार और शोषण के विरुद्ध शस्त्र उठाया और ऐसे उद्दंड शासकों का संहार किया, जो धर्म और मर्यादा से भटक चुके थे।
डॉ. सिंह ने कहा कि भगवान परशुराम न्याय के प्रतीक थे और उन्होंने सदैव समाज में संतुलन, धर्म और न्याय की स्थापना के लिए कार्य किया। उनका जीवन हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में न्याय व समानता स्थापित करने का आह्वान किया।