
चंदौली-धानापुर के नगवां गांव में आयोजित संत समागम ने अचानक राजनीतिक रंग ले लिया। महामंडलेश्वर भवानीनंदनयति जी के सान्निध्य में हुए इस धार्मिक कार्यक्रम में लंबे समय से एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाने वाले वर्तमान विधायक सुशील सिंह और पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ एक ही मंच पर साथ बैठे नजर आए।
●यह दृश्य स्थानीय राजनीति में चौंकाने वाला रहा क्योंकि दोनों नेता अक्सर सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे पर कटाक्ष करते रहे हैं।लेकिन इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर दोनों के बीच कोई दूरी नहीं दिखी वे काफी देर तक साथ बैठे रहे और बातचीत करते भी देखे गए। कार्यक्रम समाप्ति के बाद महामंडलेश्वर ने दोनों नेताओं को अपने वाहन में एक साथ बैठाकर गंगा पार के लिए रवाना किया।
●जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गईं। गौरतलब है कि सुशील सिंह और मनोज सिंह ‘डब्लू’ के बीच वर्षों से राजनीतिक तल्खी रही है। समर्थकों के स्तर पर भी बयानबाजी आम रही है। ऐसे में धार्मिक मंच पर उनकी सार्वजनिक नजदीकी को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें दोनों नेताओं ने अपने-अपने फेसबुक पेज पर साझा कीं, जिनके सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं।

●तस्वीरों के वायरल होने के बाद बहुजन समाज पार्टी के भावी प्रत्याशी स्वतंत्र प्रकाश दुबे ने दोनों नेताओं पर तीखा हमला बोला। दुबे ने कहा कि पूर्व और वर्तमान विधायक ‘एक ही थाली के चट्टे-बट्टे’ हैं और बीते 20 वर्षों से सैयद राजा की जनता को गुमराह करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 में इन नेताओं की ‘दाल गलने वाली नहीं है’ और उत्तर प्रदेश में बहनजी मायावती के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी, क्योंकि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल है। संत समागम में हुई इस अप्रत्याशित मुलाकात ने न सिर्फ स्थानीय राजनीति में नई अटकलों को जन्म दिया है, बल्कि आगामी चुनावी समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज कर दी हैं।