[smartslider3 slider="2"]

मुगलसराय के डॉक्टरों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान, ब्रिटिश पार्लियामेंट में चमका होम्योपैथी का परचम

Connect With Social Media

अशोक कुमार जायसवाल

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) के लिए गर्व की बात है कि यहां के होम्योपैथिक चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। समर्पित होम्योपैथिक क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर के संचालक डॉ. अभिमन्यु पांडेय को 10 अप्रैल 2026 को वर्ल्ड होम्योपैथी डे के अवसर पर ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होलिस्टिक मेडिकल कॉन्फ्रेंस में सम्मानित किया गया।
डॉ. अभिमन्यु पांडेय ने

बताया कि यह दिवस होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के करीब 150 डॉक्टरों ने भाग लिया। इस दौरान उन्हें ऑटोइम्यून डिजीज पर अपने केस प्रस्तुत करने का अवसर मिला, जिसकी सराहना करते हुए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में कई गणमान्य हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिनमें सांसद शिवानी राजा, लॉर्ड रावल के साथ इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर स्टुअर्ट ब्रॉड, जोनाथन ट्रॉट और सर एलिस्टेयर कुक शामिल थे।


वहीं, क्लिनिक की को-डायरेक्टर डॉ. रिद्धि पांडेय ने भी अपनी उपलब्धियों से क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

उन्होंने बताया कि वे BHMS की स्वर्ण पदक विजेता हैं और लंदन से पीजी कर चुकी हैं। उनका चयन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में केस प्रेजेंटेशन के लिए हुआ, जहां उन्हें सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि इस चयन प्रक्रिया में पहले केस से जुड़े डॉक्यूमेंट्स और रिव्यू भेजे जाते हैं, जिसके बाद योग्य पाए जाने पर ही प्रेजेंटेशन का मौका मिलता है।
डॉ. रिद्धि ने इनफर्टिलिटी (बांझपन) के सफल उपचार को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने बताया कि उनके 4-5 सफल मामलों के आधार पर उनका चयन अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए हुआ। एक विशेष केस में महिला मरीज की दोनों फेलोपियन ट्यूब ब्लॉक थीं और उसे अन्य जगहों पर मां बनने की उम्मीद खत्म बता दी गई थी। लेकिन होम्योपैथिक उपचार के जरिए मात्र दो महीने में ही वह गर्भधारण करने में सफल रही।


उन्होंने बताया कि इनफर्टिलिटी के इलाज में पुरुष और महिला दोनों की जांच जरूरी होती है, जिसमें सीमेन एनालिसिस और HSG जांच शामिल है। डॉ. रिद्धि के अनुसार, होम्योपैथी कई जटिल समस्याओं में प्रभावी साबित हो सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहां सर्जरी अनिवार्य हो, वहां अन्य चिकित्सा पद्धतियों की भी आवश्यकता होती है।
इस उपलब्धि से न सिर्फ मुगलसराय, बल्कि पूरे जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है।

Leave a Comment

error: Content is protected !!