क्लस्टर आधारित कार्यक्रम में विधिक ज्ञान दिया गया

चंदौली में पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) के लिए क्लस्टर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर “संवर्धन द्वितीय चरण” के तहत सदर तहसील के सामने स्थित ज्योति लॉन में हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती पूजा के साथ किया। इस अवसर पर कई न्यायिक अधिकारी और विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण में वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर, चंदौली और सोनभद्र जिलों से कुल 109 पराविधिक स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवकों को जनपद न्यायाधीश ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी दी। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमरनाथ यादव ने नालसा जागृति योजना-2025 पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मिथिलेश सिंह ने नालसा डॉन योजना-2025 और मानव तस्करी एवं यौन शोषण पीड़ित योजना के बारे में बताया। असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रीति त्रिपाठी ने नालसा आशा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर, बाल विवाह उन्मूलन और बाल अनुकूल विधिक सेवाएं योजना-2024 पर प्रशिक्षण दिया।
ममता आजाद ने विधिक सहायता आवेदन प्रक्रिया, लाभार्थियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और पीएलवी की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। पैनल अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने नालसा साथी (SAATHI) और वीर परिवार सहायता योजना-2025 पर चर्चा की।
पैनल अधिवक्ता रितिक रोशन सिंह ने वरिष्ठ नागरिक योजना, मानसिक बीमारी और बौद्धिक विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं, पीएलवी की भूमिका, रिपोर्टिंग और रेस्क्यू प्रोटोकॉल की जानकारी दी।
इसके अलावा, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेदों और संबंधित कानूनों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने किया। समापन और धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंदौली की सचिव डॉ. इंदु रानी ने किया।