धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

चंदौली में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जल जीवन मिशन (हर घर नल योजना) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में हो रही देरी और कार्यों की गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाया।
जिलाधिकारी गर्ग ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने योजना की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
डीएम ने निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरी की जाए। उन्होंने सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।

टेक्निकल टीम को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, निर्माण एजेंसियों के लिए कार्य पूर्ण होने की लिखित सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि घटिया सामग्री के उपयोग या किसी भी अनियमितता पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गठित टीम के माध्यम से सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कराएं। इसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि कितने घरों में पाइपलाइन कार्य पूर्ण हुआ है, कितने स्थानों पर जलापूर्ति शुरू हुई है और कितनी सड़कों की मरम्मत शेष है।
इन सभी बिंदुओं की दैनिक रिपोर्ट फोटो सहित शाम तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि वह स्वयं बिना किसी पूर्व सूचना के निरीक्षण करेंगे और गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

डीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने अधिकारियों को जलापूर्ति को सुचारु और नियमित बनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार कर तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में कंपनियों की उपस्थिति पर भी सख्ती बरती गई। जनपद में कार्यरत पांच कंपनियों में से केवल दो के स्टेट हेड बैठक में उपस्थित रहे। शेष के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने और अगली बैठक में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
