विरोध के बावजूद सामने आई इसकी महत्वपूर्ण भूमिका

मुगलसराय चंदासी क्षेत्र में प्रस्तावित पुलिस चौकी के निर्माण को लेकर उठे विवाद का आखिरकार समाधान हो गया है। अवतार हीरो शोरूम के व्यापारी नरेंद्र पाल सिंह और अन्य व्यापारियों की आपत्तियों के बाद प्रशासन ने निर्माण स्थल में बदलाव कर सभी पक्षों को संतुष्ट किया है।
दरअसल, पहले 1 फरवरी 2026 से नरेंद्र पाल सिंह के निजी गोदाम के ठीक सामने पुलिस चौकी बनाने की योजना थी। इस स्थान पर हीरो मोटोकॉर्प से आने वाली गाड़ियों की लोडिंग और अनलोडिंग होती है।

व्यापारियों ने आशंका जताई थी कि यदि चौकी का निर्माण उसी स्थान पर होता, तो गोदाम का प्रवेश मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता और उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ता।
इस विवाद के बावजूद, चंदासी पुलिस चौकी की आवश्यकता और महत्व स्पष्ट है। यह चौकी स्थानीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
चंदासी क्षेत्र को आर्थिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील माना जाता है। यहां लगभग 10 बैंक स्थित हैं, जिनकी सुरक्षा का जिम्मा इसी पुलिस चौकी पर रहता है। इसके अतिरिक्त, कई बड़े होटल भी हैं जहां दिन-रात लोगों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे सुरक्षा चुनौतियां बढ़ जाती हैं। क्षेत्र का प्रमुख स्थल दामोदर दास पोखरा भी लगातार आयोजनों का केंद्र बना रहता है, जहां पुलिस की सक्रिय उपस्थिति आवश्यक है।

चंदासी में एशिया की सबसे बड़ी कोयला मंडी, ऑक्सीजन गैस प्लांट, आई.पी. मॉल सहित कई बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शॉपिंग मॉल मौजूद हैं। इन सभी महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का दायित्व भी इसी पुलिस चौकी पर है।
वर्तमान में, सड़क चौड़ीकरण के कारण पुरानी पुलिस चौकी को हटाया जाना प्रस्तावित है और नई चौकी के निर्माण की योजना बनाई गई थी। हालांकि, कुछ राजनीतिक व्यक्तियों द्वारा इसके

निर्माण का विरोध किया जा रहा था, जिससे यह मुद्दा चर्चा में था।
ऐसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस चौकी का होना कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
व्यापार मंडल ने उठाई आवाज
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारी चन्द्रेश्वर जायसवाल ने इस मुद्दे

को प्रशासन के सामने मजबूती से रखा। उन्होंने साफ कहा कि व्यापारी पुलिस चौकी के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे किसी की रोजी-रोटी की कीमत पर नहीं बनाया जाना चाहिए।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया और 4-5 दिनों में पुनः समीक्षा का आश्वासन दिया।
स्थानीय स्तर पर बातचीत और निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने नया स्थान चिन्हित किया।
क्या निकला समाधान?
अब पुलिस चौकी का निर्माण गोदाम के मुख्य गेट से लगभग 5-6 फीट दूर, खंभे के पास किया जाएगा, जिससे न तो सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी और न ही व्यापार में कोई बाधा आएगी।
नेताओं और प्रशासन का मिला सहयोग
इस समाधान में भाजपा सह-संयोजक गुरदीप सिंह

, व्यापार मंडल के सदस्य चन्द्रेश्वर जायसवाल, स्थानीय कोतवाल और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की अहम भूमिका रही।
गुरदीप सिंह ने बताया कि सभी व्यापारियों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है, जिससे अब सभी लोग संतुष्ट हैं।
व्यापारी ने जताया आभार
नरेन्द्र पाल सिंह ने इस

“न्यायपूर्ण फैसले” पर संतोष जताते हुए सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और उचित समाधान दिया।
निष्कर्ष
यह मामला दर्शाता है कि संवाद और आपसी समझ के जरिए प्रशासन और व्यापारियों के बीच संतुलन बनाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारी राजेश कुमार एक्सन
द्वारा बताया गया कि जो चौकी है वह चौकी बीच से हटने है। प्रशासन ने जो जगह चिन्हित किया था। वहीं पर बनाया जा रहा था। उसमें कुछ लोगों ने विरोधकिया।
राजेश कुमार एक्सन द्वारा बताया गया कि। पुलिसअधीक्षक और एडिशनल हमने अवगत करा दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अभी अधिकारी द्वारा इस पर कार्रवाई करायाजाएगा। अभी काम रुकवा दिया गया हैमौके पर। जैसा आदेश होगा इस तरह कामकराया जाएगा।