
मुगलसराय- हरिशंकरपुर गांव में मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की कार्रवाई के दौरान विवाद हो गया। अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान में किसानों की निजी बाउंड्री वॉल गिरा दी गईं, जिसके बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया।
वीडीए की टीम अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त करने पहुंची थी। इस कार्रवाई में लगभग 10 किसानों की जमीन पर बनी निजी बाउंड्री वॉल गिराई गईं। किसानों का आरोप है कि ये बाउंड्री उनकी पुश्तैनी जमीन पर फसलों को जानवरों से बचाने के लिए बनाई गई थीं, न कि किसी अवैध प्लाटिंग के लिए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई से पहले कोई पूर्व सूचना या लिखित नोटिस नहीं दिया। अचानक बुलडोजर चलाकर बाउंड्री गिरा दी गईं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

किसान लाल बहादुर ने बताया कि वे छोटे किसान हैं और उन्होंने अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए बाउंड्री बनवाई थी। उन्होंने कहा कि बिना किसी सूचना के उनकी और उनके भाई की लगभग 3-4 बिस्वा और 11 बिस्वा जमीन की दीवारें गिरा दी गईं। इस कार्रवाई से कई अन्य किसान भी प्रभावित हुए हैं।
उज्ज्वल कुमार मौर्य (पुत्र योगेंद्र लाल मौर्य) ने भी आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन की लगभग 11 बिस्वा बाउंड्री को बिना नोटिस के ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि जब अधिकारियों से नोटिस मांगा गया तो कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया, बल्कि उन्हें कार्यालय आने को कहा गया।
मौर्य ने वीडीए द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कोई हाथापाई नहीं हुई, बल्कि अधिकारियों ने उन पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि घटना की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है।
बाउंड्री गिराने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और मौके पर विवाद बढ़ गया। वीडीए टीम ने ग्रामीणों पर हमले का आरोप लगाया है, हालांकि ग्रामीणों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।घटना के बाद चंदासी पुलिस चौकी पर पंचायत भी हुई।

घटना के बाद मामला चंदासी पुलिस चौकी पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के बीच पंचायत चल रही है। मौके पर कोतवाली पुलिस और वीडीए के अधिकारी मौजूद हैं।
विरोध में उतरे ग्रामीण
इस दौरान लाल बहादुर प्रधान, जोगेंद्र मौर्य, चरण सिंह मौर्य, कन्हैयाल लाल गुप्ता, गीता गुप्ता और शिवाजी मिश्रा (जोनल अधिकारी) सहित कई लोग मौजूद रहे और कार्रवाई का विरोध किया।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण, प्रशासन जांच में जुटा
घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।