प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, आंदोलन और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

मुगलसराय क्षेत्र के महेवा और मोहम्मदपुर गांवों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ रहा है। इन गांवों में टूटी सड़कें, जर्जर नालियां और जलभराव की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

महेवा गांव के निवासी महेंद्र प्रसाद सोनकर ने बताया कि नहर से लेकर मवई गांव तक सड़क और नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। खराब रास्तों के कारण आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नालियों की उचित व्यवस्था न होने से पूरे क्षेत्र में गंदगी और जलभराव का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जिलाधिकारी (DM), ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय अधिकारियों और विधायक से कई बार शिकायत की है। हर बार उन्हें 10-20 दिन में काम शुरू होने का आश्वासन मिला, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।

महवा निवासी शिवभजन चौहान ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से नाली की समस्या को लेकर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने DM, SDM और BDO से शिकायत की, लेकिन हर बार बजट की कमी का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े नेताओं के कार्यक्रमों में करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो गांव की नाली के लिए पैसे क्यों नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन तेज करेंगे और आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
महेवा गांव की निवासी नंदनी ने बताया कि नालियों की खराब स्थिति के कारण हर जगह गंदा पानी भरा रहता है। इसी कीचड़ में फिसलकर वे खुद घायल हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल जाने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है।

मेहमदपुर गांव में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। ग्राम प्रधान जमुना प्रसाद भारती ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 5-6 बार जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीण पिछले 4-5 वर्षों से गंदगी और जलभराव से जूझ रहे हैं।
और जलभराव से जूझ रहे हैं।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करने और आगामी चुनावों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार हैं और प्रशासन को उनकी मांगों को सुनना होगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर से मऊई गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, नालियों का सही और स्थायी निर्माण हो, और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।लगभग गांव की समस्या को लेकर के जिला अधिकारी और एसडीएम लगभग 5 से 6 बार पत्रक दिया गया लेकिन अभी समस्या का समाधान नहीं किया गया।

शिवपूजन चौहान बरसाती चौहान महेंद्रसोनकर मुंशी चौहान दूधनाथ सत्यनारायण छविनाथ लालचंद जहांगीर चौहान भाई लालसोनकर रामदुलार चौहान ईश्वर दयाल झूरी चौहान अरविंद चौहान ऋषि चौहान मुरारी चौहान विशाल चौहान अरविंद चौहान आकाश चौहान दिलीप चौहान सूरज चौहान पंकज चौहान लाल चौहान आशीष चौहान गुल्लू चौहान जीतू मीथू कलूमहेंद्र राज कुमार धनपत चौहान प्रकाश चौहान रवि चौहान प्रकाशचौहान धर्मेंद्र शेर दीपकमनोज संदीप राजेश चौहान आदि लोगों उपस्थित रहे।