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डॉ विनोद कुमार राय वरिष्ठ क्रीड़ा अधिकारी का सम्मान समारोह सत्या इंटरनेशनल होटल में किया गया

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कंन्दवा |उत्तर प्रदेश प्रान्त के जनपद चंदौली जिले रैथा गाँव निवासी डा विनोद कुमार राय ने अपने जिले का नाम रोशन किया जिन्हे सम्मानित किया गया |
पुणे (महाराष्ट्र) में आयोजित 8वीं राष्ट्रीय सुपर मास्टर प्रतियोगिता में शासकीय महाविद्यालय बरगवां  जिला सिंगरौली (म प्र) में वरिष्ठ  क्रीड़ा अधिकारी के पद पर पदस्थ  डॉ विनोद कुमार राय ने दिनांक 27 से 31/01/26 तक आयोजित प्रतियोगिता  में मध्य प्रदेश की सुपर मास्टर दल का प्रतिनिधित्व करते हुए पंजा कुश्ती( Arm  Wrestling)शक्ति उत्तोलन( Power lifting)  एवं डिस्कस थ्रो प्रतियोगिता में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 59वर्ष 10 माह की आयु में  दो स्वर्ण पदक एवं एक कांस्य प्राप्त कर सिंगरौली एवं अपने महाविद्यालय का नाम रोशन किया । यह प्रतियोगिता पुणे के हेडगेवार क्रीड़ा संकुल में आयोजित की गई। आज दिनांक 22/02/26 को सत्या इंटरनेशनल होटल में जिला कुश्ती संघ द्वारा इनका सम्मान समारोह आयोजित किया गया।इस समारोह में जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष आदरणीय श्री एस डी सिंह जी ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमित राज जी, उपाध्यक्ष श्री संतोष जी ,श्री सुखचैन शुक्ला जी , कोषाध्यक्ष श्री नटवर अग्रवाल जी मीडिया प्रभारी श्री अतुल भाई ,श्री बृजेश शुक्ला जी ,श्री सुनील जयसवाल जी  , सहसचिव डॉ प्रदीप कच्छवाहा जी क्रीड़ा अधिकारी शासकीय महाविद्यालय Mada अन्य आमंत्रित सम्मानित गण डॉ सपन राज ,डॉ अजीत राय ,श्री रामसजीवन शाह उपस्थित रहे ।सभी ने इनकी प्रशंसा करते हुए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा श्रोत बताया।श्री एस डी सिंह जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस उम्र में भी स्वर्ण पदक प्राप्त करना अपने आप में एक उपलब्धि है ।इस भाग दौड़ की जिंदगी में आज भी खेलो के प्रति इनकी रुचि जीता जागता उदाहरण है। स्कूल एवं महाविद्यालय के छात्रों को इनका अनुसरण करना चाहिए।ये खेलो में पदक प्राप्त कर अपने आलोचकों को जबाव देते है ।ये जिस महाविद्यालय में पद्मांकित है वहां इनके द्वारा आयोजित संभाग स्तरीय कुश्ती महिला / पुरुष वर्ग प्रतियोगिता में मुझे जाने का अवसर प्राप्त हुआ।इनके द्वारा किया गया आयोजन प्रशंसनीय होता है ।जब अग्रणी महाविद्यालय में दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता इनके द्वारा आयोजित की गई थी उसमें भी मुझे उपस्थित होने का अवसर प्राप्त हुआ था।इनकी आयोजन क्षमता प्रशंसनीय होती है। उस दौरान कुछ विपरीत परिस्थितियों आई थी लेकिन ये विचलित नहीं हुए।और कार्य को कुशलतापूर्वक संपादित किया।श्री अमित राज जी  ने कहा कि इनका स्वर्ण पदक प्राप्त करना हम लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत एवं गौरवान्वित करता है ।आपको जब भी मै आमंत्रित करता हूं ,आप सहज रूप मेरे स्कूल में आकर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित एवं मागदर्शन का कार्य करते है।श्री संतोष सोनी ने कहा कि हम लोग इनके प्रति आभारी है कि अपने प्रदर्शन  से हम लोगों को प्रसन्न रहने का अवसर प्रदान करते है । हम लोग इनका अनुसरण करने की कोशिश करते हैं।इस उम्र में भी फिटनेस के प्रति इनकी जुझारूपन इन्हें आगे बढ़ाने में  सहायक होता है।श्री नटवर भाई ने कहा लाजवाब प्रदर्शन  ।हम लोग इस प्रदर्शन से अभिभूत है । श्री सुखचैन ने कहा कि सर हमारे आदर्श है  ।जब मै महाविद्यालय में खेलता था, तब भी सर का मागदर्शन मुझे प्राप्त होता था ।और आज भी हम इनके बताए पदचिन्हों पर चलते है ।इनके साथ मै भी खेलने जाता हूं । डॉ प्रदीप कच्छवाहा ने कहा कि सर का लगातार मार्गदर्शन हमे प्राप्त होता रहता है।एक चीज मैने इनसे विशेष रूप से सीखी है कि कोई कार्य करने के पहले ये बिल्कुल शांत होकर अपना काम कर परिणाम देने के बाद ही प्रतिक्रिया देते है।इन्होंने कहा कि मै इनके समय ही अग्रणी महाविद्यालय में राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता 2006 के लगभग खेलने आया था ,तब से इनके सानिध्य में हूं। इन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में UAE एवं जापान जाना है।क्योंकि पिछले वर्ष इन्होंने धर्मशाला ( हिमाचल प्रदेश) में ये तीन स्वर्ण पदक प्राप्त किए थे । पिछले वर्ष की प्रतियोगिता UAE में होनी निर्धारित है ।इस वर्ष की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता जापान में होगी ।इनके  परिवार एवं रिश्तेदारों ने इनकी उपलब्धि का श्रेय इनके मेहनत को दिया।विषम परिस्थितियों में भी ये विचलित नहीं होते  है।जैसा इनके जानने वालों ने इनके बारे में बताया।ये निरंतर अपना कार्य करते हुए आगे बढ़ते रहते है और अपने काम से लोगों को जबाव देते है।डॉ विनोद कुमार राय ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेरा काम करने का तरीका औरों से अलग है।मेरे लिए मेरा परिवार एवं मेरे शुभचिंतक प्रेरणाश्रोत है।जिला कुश्ती संघ के सम्मानित जनों का यह सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए मै हृदय से आभारी हूं।इन्होंने वादा किया कि आपकी उम्मीदों पर मै हर समय खड़ा उतरने की कोशिश करूंगा।मै उम्मीद करूंगा कि आप सब इसी तरह मुझे प्रोत्साहित करते रहेंगे। मुझे खुशी तब और होगी जब मेरे खिलाड़ी छात्र/छात्रा मेरा अनुसरण करते हुए खेलो के क्षेत्र में  मुझसे आगे जाकर पदक प्राप्त करें।

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