एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर कर रहे पड़ताल, कई पुलिसकर्मियों पर गिर सकती है गाज

मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव के सीवान में जुए के सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस अब इस खेल के मुख्य आरोपी देवता यादव और खाकी के बीच कनेक्शन की तलाश में जुट गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर कर रहे हैं।
जांच के तहत, देवता यादव के कॉल डिटेल्स और उसके खाते से हुए ट्रांजेक्शन के बारे में भी जानकारी हासिल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद अभी कई अन्य पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है।
पुलिस ने मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के समेरा गांव में जुए के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। मौके से 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि अन्य लोग फरार हो गए थे। बाद में पुलिस ने 21 नामजद और 40 से 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें देवता यादव, मग्गू पटेल और राहुल पटेल को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
प्रारंभिक जांच के बाद मुगलसराय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। इसके बाद जलीलपुर पुलिस चौकी प्रभारी अभिषेक शुक्ला समेत दो कारखासों को निलंबित किया गया।
देवता यादव के सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं, जिनमें सादे भेष में कई पुलिसकर्मी जश्न मनाते दिखे हैं। एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर ने देवता यादव और पुलिसकर्मियों के कनेक्शन की पड़ताल शुरू कर दी है। उसके मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली गई है और खाते से हुए ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि जिले से अन्य जिलों में ट्रांसफर हो चुके कई पुलिसकर्मी अभी भी देवता के संपर्क में थे। उसका पुलिस विभाग में अच्छा खासा नेटवर्क था। सूत्रों के अनुसार, इस जांच के पूर्ण होने से पहले कई अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
इस संबंध में एडिशनल एसपी अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान किसी भी पुलिसकर्मी की घनिष्ठता देवता के साथ सामने आई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सेमरा गांव में सामने आये जुए के सिंडिकेट की असली कड़ी बुकी है। सूत्रों के अनुसार जुए के सिंडिकेट में जगह उपलब्ध कराना देवता का कार्य था बाकी जुए का खेल बुकी चलाते थे। बुकी ताश के अंदर बाहर का गेल में खेलते है। ऐसे ने इन बुकी तक पहुंचना पुलिस के लिए भी चुनौतीपूर्ण होगा। सूत्रों के अनुसर बाकी दूसरे जिलों से यहां आते थे।