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‘रन फॉर अम्बेडकर’ से गूंजा मुगलसराय: हजारों ने भरी समानता की दौड़

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चंदौली/मुगलसराय | 1 अप्रैल 2026
संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में अप्रैल माह को ‘अम्बेडकर माह’ के रूप में मनाने का भव्य आगाज़ बुधवार को जनपद चंदौली में हुआ। “रन फॉर अम्बेडकर” के तहत आयोजित एक विशाल मैराथन और जागरूकता रैली ने मुगलसराय की सड़कों पर सामाजिक एकता और उत्साह का संचार कर दिया।
दामोदर दास पोखरा से मानसरोवर तक ‘जय भीम’ की गूंज
दोपहर 3 बजे मुगलसराय के दामोदर दास पोखरा से इस मैराथन का शुभारंभ हुआ। युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सरकारी कर्मचारियों के हुजूम ने ‘रन फॉर इक्वलिटी’ और ‘रन फॉर फ्रेटरनिटी’ की थीम पर दौड़ लगाई। रैली के दौरान पूरा मार्ग ‘जय भीम’ और बाबा साहब के अमर संदेशों से गुंजायमान रहा।


गरिमामय उपस्थिति और नेतृत्व
कार्यक्रम का उद्घाटन परमपूज्य भिख्खू संघ द्वारा मंगलकामनाओं के साथ किया गया।
*अध्यक्षता: दिनेश चन्द्र (पूर्व वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी, डीडीयू रेल मंडल)।
*मुख्य अतिथि: बुद्ध मित्र मुसाफिर (पूर्व आयुक्त, आयकर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष ABAJKA, नई दिल्ली)।
*विशिष्ट अतिथि: अशोक कुमार प्रबुद्ध (प्रांतीय अध्यक्ष, ABAJKA उत्तर प्रदेश) समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति।
RBI स्थापना दिवस और बाबा साहब का योगदान
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने 1 अप्रैल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज ही के दिन (1 अप्रैल 1935) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की स्थापना हुई थी। वक्ताओं ने गौरव के साथ उल्लेख किया कि:
“आरबीआई की अवधारणा डॉ. अम्बेडकर के प्रसिद्ध शोध ‘The Problem of the Rupee’ पर आधारित थी। यही कारण है कि ‘अम्बेडकर माह’ की शुरुआत के लिए 1 अप्रैल का दिन अत्यंत प्रासंगिक है।”
आयोजक एवं सहयोगी संस्थाएं
इस ऐतिहासिक आयोजन का नेतृत्व अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन (ABAJKA), जनपद शाखा चंदौली द्वारा किया गया। कार्यक्रम की सफलता में निम्नलिखित संस्थाओं का सक्रिय सहयोग रहा:
*RAMA (रमाबाई अम्बेडकर महिला एसोसिएशन)
*उत्तर प्रदेश शिक्षक महासभा
*BBSS (बहुजन बौद्ध समाज संघर्ष समिति)
*AIDASA चंदौली


मुख्य उद्देश्य: ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’
आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का लक्ष्य केवल दौड़ नहीं, बल्कि बाबा साहब के मूल मंत्र को जन-जन तक पहुंचाना है। समाज में व्याप्त असमानता को दूर कर बंधुत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करना ही इस ‘अम्बेडकर माह’ का असली संकल्प है।
आगे की योजना:
प्रशासन और आयोजकों के अनुसार, पूरे अप्रैल माह में जनपद के विभिन्न हिस्सों में शैक्षिक, सामाजिक और जागरूकता संबंधी कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी, ताकि नई पीढ़ी को बाबा साहब के संघर्षों और उनके संवैधानिक मूल्यों से जोड़ा जा सके।

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