
डीडीयू जंक्शन- खबर पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से है जहां प्लेटफार्म से लेकर रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया तक नशेड़ियों व चोरों का नेक्सस इस तरह सक्रिय की रेल यात्रियों से लेकर राहगीरों व स्थानीय दुकानदारों तक के मोबाइल पलक झपकते ही उड़ा देते हैं। ऐसा ही एक मामला उस वक्त प्रकाश में आया जब रेलवे स्टेशन गेट संख्या दो से सटे एक दुकान के काउंटर पर रखें मोबाइल को नशेड़ियों ने पलक झपकते ही गायब कर दिया। भुक्तभोगी दुकानदार दीपक कुमार द्वारा जीआरपी को सूचना दी गई साथ ही काफी खोजबीन भी की गई। इसके अलावा भुक्तभोगी ने मोबाइल के मैकेनिकल शॉप को भी सूचना दी यदि कोई मोबाइल लॉक खोलने के लिए आए और संदिग्ध लगे तो कृपया मुझे सूचित किया जाए। करीब एक सप्ताह बाद एक दुकानदार ने सूचना देकर दीपक को बताया कि आपका मोबाइल मेरे दुकान पर युवक लेकर आया हुआ जो चोर जैसा प्रतीत हो रहा है। दीपक ने जब वहां जाकर देखा तो मोबाइल को पहचान गया लेकिन युवकों ने दीपक को मोबाइल वापस करने के बदले में 2 हजार रुपये की मांग की।इस संबंध में भुक्तभोगी दीपक ने बताया कि जब युवकों ने 2 हजार रुपये लिए तभी उनका मोबाइल वापस मिला और नशेड़ी युवक पैसे लेते ही वहां से भाग निकले। अब भुक्तभोगी बार-बार जीआरपी डीडीयू थाने के चक्कर लगा रहा है कि अपनी ही मोबाइल वापस पाने के लिए चोरों ने मोबाइल वापस करने के बदले उसे पैसे वसूल लिए। आपको बता दे कि पंडित दीनदयाल जंक्शन के प्लेटफार्मो से लेकर रेलवे सर्कुलेटिंग एरिया तक सैकड़ो की संख्या में नशेड़ी अपना आशियाना बनाये हुए है।जो आए दिन यात्रियों का सामान चोरी से लेकर रेलवे के लोहा और कोयला चोरी की घटना को अंजाम देते हैं। जिन्हें रेलवे की दोनों सुरक्षा एजेंसियों का खुला संरक्षण भी प्राप्त है। जब यात्रियों की सुरक्षा करने वाली एजेंसी ही अपराधियो को शरण दे तो यात्री सुरक्षा का दवा कितना फलीभूत होगा ये सोचने वाली बात होगी।