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चंदौली बार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

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वीरेंद्र प्रताप सिंह बने अध्यक्ष, आशुतोष मिश्रा ने संभाली महामंत्री की जिम्मेदारी

चंदौली।बार एसोसिएशन चंदौली के सत्र 2026 का शपथ ग्रहण समारोह धूमधाम और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में अधिवक्ताओं की नई कार्यकारिणी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस दौरान वीरेंद्र प्रताप सिंह ने अध्यक्ष तथा आशुतोष मिश्रा ने महामंत्री पद की शपथ ग्रहण की। वहीं लवकुश पटेल सहित अन्य पदाधिकारियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सह-अध्यक्ष श्रीनाथ त्रिपाठी उपस्थित रहे। मंच पर किरण पाल सिंह प्रधान न्यायाधीश जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग,

उपजिलाधिकारी दिव्या ओझा, पूर्व अध्यक्ष विनय कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।समारोह की शुरुआत अतिथियों के माल्यार्पण एवं स्वागत से हुई, जिसके बाद अधिवक्ताओं का शपथ ग्रहण कराया गया।
मुख्य अतिथि न्यायाधीश दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में अधिवक्ताओं को निरंतर अध्ययनशील रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता जितना अधिक अध्ययन करेंगे, उतनी ही प्रभावी ढंग से न्यायालय में अपने पक्ष को प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे वादियों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कर्मप्रधान जीवन की महत्ता बताते हुए संस्कृत के श्लोक:


“काष्ठंकल्पतरुःसुमेरुरचलश्चिन्तामणिः प्रस्तरःसूर्यस्तीव्रकरः शशी क्षयकरः क्षारो हि वारां निधिः कामो नष्टतनुर्बलिर्दितिसुतो नित्यं पशुः कामगोःनैतांस्ते तुलयामि भो रघुपते कस्योपमा दीयते”।कल्पवृक्ष केवल लकड़ी है (काष्ठं), सुमेरु पर्वत केवल अचल है, चिंतामणि केवल पत्थर है, सूर्य में तीव्र गर्मी है, चंद्रमा घटता-बढ़ता है, समुद्र खारा है, कामदेव बिना शरीर के है, बलि दैत्य (दिति का पुत्र) है और कामधेनु पशु है। हे भगवान विष्णु ! इनमें से किसी की भी तुलना आपके साथ नहीं की जा सकती; आपकी उपमा किसी से नहीं दी जा सकती (अर्थात आप अद्वितीय हैं के माध्यम से ईश्वर की अद्वितीयता का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।विशिष्ट अतिथि श्रीनाथ त्रिपाठी ने अपने संबोधन में चंदौली के अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त

करते हुए कहा कि अपनों के बीच आना सदैव सुखद अनुभव होता है। उन्होंने विशेष रूप से युवा अधिवक्ताओं को निरंतर अध्ययन करने और पेशे में निपुणता हासिल करने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी हल्के-फुल्के अंदाज में अपने विचार रखकर माहौल को जीवंत बनाए रखा।कार्यक्रम का संचालन शासकीय अधिवक्ता शशिशंकर सिंह ने किया, जबकि सह-संचालन शैलेन्द्र पांडे (कवि) द्वारा किया गया। अंत में पूर्व अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया।इस अवसर पर चंद्रशेखर श्रीवास्तव, विकास मौर्य, रामशंकर उपाध्याय, दीपक मिश्रा, कमलेश, अभिषेक मिश्रा, रामशंकर खरवार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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