
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं प्रखर समाजवादी विचारक डॉ राम मनोहर लोहिया की जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद चंदौली रामकिशुन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि लोहिया जी का “सप्त क्रांति” सिद्धांत आज भी समाज और देश के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने बताया कि लोहिया जी ने नर-नारी समानता, जाति उन्मूलन, रंगभेद विरोध, आर्थिक समानता, विकेंद्रीकरण, निजी जीवन में स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय जैसे सात महत्वपूर्ण क्रांतियों के माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया।

उन्होंने आगे कहा कि लोहिया जी ने हिंदी को जनभाषा बनाने, जाति व्यवस्था को समाप्त करने और पिछड़े वर्गों के उत्थान की जोरदार वकालत की। साथ ही विदेशी निर्भरता कम करने के लिए अंग्रेजी के स्थान पर भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने “चौखंभा राज्य” की अवधारणा के तहत केंद्र, प्रदेश, जिला और गांव स्तर पर सत्ता के विकेंद्रीकरण का मॉडल भी प्रस्तुत किया था।
कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख नियमताबाद बाबूलाल यादव ने कहा कि यदि लोहिया जी के सिद्धांतों को अपनाया जाए तो देश को विकास और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस दौरान देश के महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर उन्हें शत-शत नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रेमनाथ तिवारी, अमरनाथ जायसवाल, मोनू (जिला अध्यक्ष व्यापार सभा चंदौली), सियाराम यादव, सुरेश यादव (पूर्व सभासद), अनिल यादव, नरेश यादव, वीर भारतीय, सुरेंद्र यादव, संजय भारती, रामनाथ यादव, मुन्ना यादव, चंद्रशेखर यादव, अमरजीत यादव, गौतम यादव, नौशाद खान, सुशील यादव, चंदन यादव, राम अवध यादव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
