
चकिया । शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहादत दिवस पर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभा, जन विमर्श और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सैदूपुर स्थित पंचायत भवन में “भगत सिंह विचार मंच” के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, युवाओं और ग्रामीणों ने भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “सामाजिक उत्पादन व निजी स्वामित्व के अंतर्विरोध” विषय पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता कामरेड श्याम बिहारी सिंह ने कहा कि पूंजीवादी व्यवस्था के कारण सामाजिक असमानता बढ़ रही है, जिसका समाधान सामाजिक स्वामित्व की व्यवस्था में निहित है। अन्य वक्ताओं ने भी भगत सिंह के विचारों को आज के दौर में प्रासंगिक बताया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाट्य मंचन आकर्षण का केंद्र रहा।

वहीं उसरी गांव के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर राजगुरु और सुखदेव के साथ भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। लोक स्वतंत्रता सेनानी रामनिवास पांडेय के नेतृत्व में लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान “इंकलाब जिंदाबाद”, “अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद” व “समाजवाद जिंदाबाद” के नारे लगाए गए। रामनिवास पांडेय ने कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए समाज को फिर से संगठित होकर संघर्ष करना होगा। इस दौरान पवन पांडेय, टोनी पासवान, प्रमोद पांडेय, धीरेंद्र पांडेय, उदल गुप्ता सहित कई लोग मौजूद रहे।

गांधीनगर स्थित भगत सिंह पार्क में भी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर शंभूनाथ, परमानंद, अजय राय व अन्य वक्ताओं ने उनके विचारों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उन्हें आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्र में शहीदों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।