
चंदौली-राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने संसद के उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान जिले में धान क्लस्टर स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि चंदौली को पूर्वांचल का “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां के किसान देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
सांसद ने सदन को बताया कि जिले के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत वर्ग से आते हैं। खेती में कड़ी मेहनत के बावजूद, धान के सुरक्षित भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण उन्हें अक्सर अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।
कटाई के बाद धान में अधिक नमी रहने से उसके खराब होने की आशंका बनी रहती है, जिससे किसानों को मजबूरी में कम दाम पर धान बेचना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि चंदौली में धान क्लस्टर स्थापित होता है, तो इससे भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित होगी।

इस क्लस्टर का लाभ केवल चंदौली ही नहीं, बल्कि मिर्जापुर, सोनभद्र, गाजीपुर और जौनपुर जैसे आसपास के जिलों के किसानों को भी मिलेगा। सांसद दर्शना सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री से आग्रह किया कि चंदौली में धान क्लस्टर स्थापित कर पूर्वांचल के किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।