[smartslider3 slider="2"]

महंगाई की मार: घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से बिगड़ा रसोई का बजट

Connect With Social Media

डीडीयू नगर(सचिन पटेल की रिपोर्ट)घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में हुई 60 रुपये की बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस के दामों में इस उछाल से गृहिणियों में गहरा असंतोष और नाराजगी देखने को मिल रही है। महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि एक तरफ खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गैस की बढ़ती कीमतों ने घर चलाना दूभर कर दिया है।

क्या कहती हैं गृहणियां?
नगर की महिलाओं ने अपनी व्यथा साझा करते हुए सरकार के इस कदम की आलोचना की है:
निर्मला गुप्ता (नगर क्षेत्र): “गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर हमारी गृहस्थी पर पड़ा है। पहले अच्छी सब्सिडी मिल जाती थी जिससे राहत रहती थी, लेकिन अब सब्सिडी न के बराबर है और ऊपर से 60 रुपये और बढ़ा दिए गए। इससे हमारा मंथली बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।”
ज्योति शर्मा (नगर निवासी): “राशन और सब्जियों के दाम पहले ही बहुत ज्यादा हैं। सब्सिडी कम होने से अब सिलेंडर का पूरा बोझ खुद उठाना पड़ रहा है। रसोई चलाना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। सरकार को आम जनता की तकलीफों पर ध्यान देना चाहिए।”

जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता
इस मुद्दे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मध्यम और गरीब वर्ग की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है:
“खाद्यान्न, तेल और मसालों के दाम पहले ही बढ़े हुए हैं। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ना मध्यम और गरीब परिवारों के लिए ‘कोढ़ में खाज’ जैसा है। परिवार चलाना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है।”

कमला यादव, ब्लॉक प्रमुख
“मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए हर महीने महंगा सिलेंडर लेना अब पहुंच से बाहर होता जा रहा है। पहले सब्सिडी का सहारा था, जो अब खत्म हो गया है। सरकार को मध्यम वर्ग के लिए विशेष व्यवस्था या राहत देनी चाहिए।”
रानी देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य व अध्यक्ष (जल प्रबंधन समिति)
मुख्य बिंदु:
सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की सीधी वृद्धि।
सब्सिडी की राशि में भारी कटौती से बढ़ा आर्थिक बोझ।
खाद्य तेल, दाल और सब्जियों की महंगाई ने पहले ही बिगाड़ा है बजट।

Leave a Comment

error: Content is protected !!