
चंदौली।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं, पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स और त्वरित आर्थिक विकास कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई और उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने पेयजल, सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था तथा सरकारी भवनों से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराया जाए और नियमित निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य में शिथिलता बरतने पर यू.पी. प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड, निर्माण इकाई-03 वाराणसी को कड़े निर्देश दिए गए। इसके अलावा विकास खंड नियमताबाद के अंतर्गत गंगा नदी के दाएं तट पर स्थित कुण्डाकला और कुण्डाखुर्द गांवों की सुरक्षा के लिए कटान निरोधक परियोजना तथा सकलडीहा तहसील के धानापुर ब्लॉक में नरौली गांव में हो रहे कटान को रोकने के कार्य की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चंदौली में टाइप-4 आवासीय भवनों का निर्माण, कस्तूरबा गांधी बालिका

विद्यालय बरहनी में एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास, नगर पालिका परिषद में 50 टीपीडी सॉलिड वेस्ट प्लांट, आईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र चंदौली में अग्निशमन केंद्र, चकिया ब्लॉक में भोका बंधी पुनरोद्धार परियोजना तथा बलुआ, सोगाई, रेरूआ और धनकवारी पंप नहरों के आधुनिकीकरण कार्यों की भी समीक्षा की।
साथ ही बाबा कीनाराम अघोरपीठ मठ में समेकित पर्यटन विकास, मल्टीपरपज हॉल और सांस्कृतिक पंडाल के निर्माण कार्य को जल्द पूर्ण कर जांच के बाद हैंडओवर करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी परियोजना में समस्या आती है तो तत्काल अवगत कराया जाए ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड, संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, उद्यान अधिकारी, पर्यटन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जल निगम सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।