[smartslider3 slider="2"]

भक्ति और सदाचार का मार्ग दिखा रही श्रीमद्भागवत कथा, ब्रजरज दास

Connect With Social Media

इलिया*। राधा कृष्ण सेवा समिति धन्नीपुर के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में तीसरे दिन भक्ति, ज्ञान और सदाचार की अलौकिक गंगा प्रवाहित हुई। वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक ब्रजरज दास जी महाराज ने अपने ओजस्वी एवं मार्मिक प्रवचनों से श्रद्धालुओं को धर्म और भक्ति का महत्व समझाया।
कथा का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण एवं महर्षि व्यास के स्मरण के साथ हुआ। महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति में वेद और पुराण केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर ले जाने वाले दिव्य प्रकाश स्तंभ हैं। उन्होंने महर्षि व्यास की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि उनके द्वारा रचित श्रीमद्भागवत महापुराण मानव जीवन को पवित्रता और ईश्वर भक्ति से जोड़ने वाला अमृतमय ग्रंथ है।


कथा के दौरान “पंडित” शब्द की व्याख्या करते हुए महाराज ने कहा कि सच्चा पंडित वही है जो शास्त्रों का ज्ञान केवल शब्दों तक सीमित न रखे, बल्कि अपने जीवन में उसे उतारकर समाज को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे। उन्होंने श्रद्धालुओं से शास्त्र अध्ययन, पूजा-पाठ और सत्संग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। साथ ही नशा, मदिरा और मांसाहार जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर सात्विक जीवन अपनाने की सीख दी।
कथा के दौरान पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा का श्रवण करते नजर आए।
इस अवसर पर महंत रामदास त्यागी जी महाराज, बबलू यादव, राम स्वारथ यादव, राम निहोर यादव, विजय विश्वकर्मा, कमलेश यादव, अशोक विश्वकर्मा, संजू यादव, निर्मला यादव, प्रमिला यादव, बल्लू यादव, सिपाही यादव, हवलदार यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Leave a Comment

error: Content is protected !!