
चंदौली(अशोक कुमार जायसवाल) पड़ाव क्षेत्र में रेलवे लाइन चौड़ीकरण का काम ग्रामीणों ने रोक दिया है। जलीलपुर नई बस्ती, चौरहट नई बस्ती और रतनपुर गांव के निवासियों ने सही पैमाइश की मांग को लेकर यह कदम उठाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सक्षम अधिकारियों की गैरमौजूदगी में बिना सही पैमाइश के ही मशीन और बुलडोजर से काम शुरू कर दिया गया था। उनका कहना है कि उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल, रेलवे चौड़ीकरण के नाम पर उनकी जमीनों पर गलत तरीके से अतिक्रमण कर रहा है।

जलीलपुर नई बस्ती पड़ाव, चौरहट नई बस्ती और रतनपुर क्षेत्रों में कई मकानों और जमीनों पर लाल निशान लगाए गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय और असमंजस की स्थिति है। पीड़ितों का कहना है कि बिना उचित पैमाइश के ही मकानों को दो से तीन मीटर तक काटे जाने की बात कही जा रही है, जिसका वे कड़ा विरोध कर रहे हैं।
प्रभावित मकान मालिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह से मुलाकात की। उन्होंने सांसद को एक ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।

इस संबंध में रेलवे विभाग ने बताया है कि राजस्व विभाग और रेलवे की एक संयुक्त टीम मौके पर दोबारा पैमाइश करेगी। संयुक्त टीम द्वारा सीमांकन और सही चिन्हांकन किए जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे के इस आश्वासन के बावजूद, ग्रामीण अभी भी सही पैमाइश की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। वे अधिकारियों की मौजूदगी में ही भूमि की नापी कराए जाने पर जोर दे रहे हैं। सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और चल रहे काम को रुकवा दिया।
