
सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र के गंगा तटवर्ती गांवों में हर वर्ष होने वाले भीषण कटान से किसानों की कृषि भूमि और मकान गंगा में समाहित हो जाते हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर सकलडीहा के विधायक प्रभुनारायण यादव ने सदन में मुद्दा उठाया और कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
विधायक की पहल के बाद शासन ने हसनपुर गांव के समीप गंगा कटान रोकने के लिए 2.27 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। यह कार्य सिंचाई विभाग के बंधी प्रखंड वाराणसी के माध्यम से कराया जाएगा और इसे तीन माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दरअसल, चंदौली जनपद का बड़ा हिस्सा गंगा किनारे स्थित है, जहां बड़े पैमाने पर खेती-बाड़ी के साथ ही लोगों के मकान भी नदी के किनारे बने हुए हैं। लेकिन हर वर्ष गंगा के कटान से किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समाहित हो जाती है। कई बार मकान भी इसकी जद में आ जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों की मांग पर विधायक प्रभुनारायण यादव ने इस समस्या को प्रमुखता से सदन में उठाया था और शासन से कटान रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की थी।
विधायक प्रभुनारायण यादव ने बताया कि किसानों की समस्या को देखते हुए शासन ने हसनपुर गांव के पास कटान निरोधक कार्य के लिए 2 करोड़ 27 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। जल्द ही कार्य शुरू कर इसे निर्धारित समय में पूरा कराया जाएगा, जिससे किसानों की कीमती जमीन को बचाया जा सकेगा।
वहीं इस संबंध में बंधी प्रखंड वाराणसी के अधिशासी अभियंता सुरेश आजाद ने बताया कि शासन द्वारा कटान रोकने के लिए 2.27 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। विभाग जल्द ही कार्य शुरू कराकर किसानों की समस्या का समाधान करेगा।